संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। पंजाब के साथ-साथ जालंधर की दाना मंडियां मात्र 4.5 लाख टन फसल आने से भर गई हैं। अभी 6 लाख टन से अधिक धान आना बाकी है जिससे किसानों को परेशानी हो रही है।
मंडियों में गीला धान आने के कारण फसल का उठान समय पर नहीं हो पा रहा है। मंडी बोर्ड के अनुसार, कुल 11 लाख टन फसल आने की उम्मीद है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दो से तीन दिन इंतजार करना पड़ रहा है। इसका कारण धान में 25 फीसदी से अधिक नमी की मात्रा है। जिले के कई गांवों में यह नुकसान 30 से 40 फीसदी तक पहुंचने की आशंका है। मंडियों में पड़ी फसल के भीगने से भी किसानों को आर्थिक और समय का नुकसान हो रहा है।