जालंधर। कोरोना महामारी के कारण आठ महीने बाद शुक्रवार को होटल रीजेंट पार्क में नगर निगम सदन की बैठक हुई। बैठक में शहर के हालात को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। भाजपा पार्षद काली पट्टियां बांधकर पहुंचे। भाजपा पार्षदों ने मेयर जगदीश राजा के खिलाफ बैनर लेकर प्रदर्शन किया, यह बैनर मेयर की कथित लापरवाही को दर्शा रहा था।
बैनर पर मेयर की सिर पर हाथ रखे फोटो बनी थी और उसके साथ टूटी सड़कों, जाम सीवरेज, सड़क पर फैले कूड़े के ढेर, अवैध निर्माण, लावारिस पशुओं और बंद स्ट्रीट लाइटों की तस्वीरें भी थीं। बैनर पर अंधेर नगरी चौपट राजा भी लिखा था। बैठक की शुरुआत में भाजपा से अलग हुई शिअद के पार्षद शांत बैठे रहे। भाजपा और कांग्रेस पार्षदों में जमकर नोकझोंक हुई। विपक्ष ने शहर में विकास कार्य न होने के आरोप लगाए।
भाजपा ने सीटों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा ने ज्यादा पार्षद होने के कारण विपक्षी दल पर दावा किया। जब कुर्सियों की बात आई तो अकाली पार्षद पहले ही विपक्ष वाली सीटों पर कब्जा कर चुके थे। इस कारण भाजपा पार्षदों को खड़े रहना पड़ा। भाजपा पार्षदों के विरोध पर नगर निगम कमिश्नर करनेश शर्मा ने कहा कि ऐसा कोई प्रोटोकोल नहीं है कि कौन किस सीट पर बैठेगा, इसलिए भाजपा के पार्षद कहीं भी बैठ सकते हैं। इसे लेकर सदन में काफी बहस हुई। कमिश्नर ने कहा अगर भाजपा पार्षदों के लिए आगे कुर्सियां नहीं हैं तो वह पीछे बैठ जाएं।
भाजपा पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें कुर्सियां नहीं मिलेंगी तो वह फर्श पर ही बैठ जाएंगे। भाजपा पार्षद दल के नेता सुशील शर्मा ने कहा कि उन्हें अलग से सीटें चाहिए। हालांकि बाद में अकाली दल और भाजपा के पार्षद साथ-साथ बैठने को राजी हो गए। इसके बाद बैठक शुरू हुई। एजेंडे में रखे गए कई प्रस्तावों पर काफी बहस भी हुई। इससे पूर्व बैठक में हिस्सा लेने जा रहे पार्षदों की गेट पर होटल कर्मियों ने थर्मल स्कीनिंग की। मेयर जगदीश राजा ने पहले ही सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित किसी भी सदस्य से बैठक में आने से परहेज करने के लिए कहा था। कोरोना महामारी के कारण निगम सदन की बैठक होटल रीजेंट पार्क में करवाई गई।