कोटकपूरा( फरीदकोट)। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी समेत राज्य सरकार में नेतृत्व को लेकर चल रही उठापटक का निचले स्तर पर भी असर दिख रहा है और शुक्रवार को यहां की नगर काउंसिल में अध्यक्ष, सीनियर उपाध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए रखे चुनाव के दौरान भी हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। शहर में लंबे समय से कांग्रेस दो गुटों में बंटी हुई है, जिसमें से एक गुट की कमान हलका इंचार्ज भाई राहुल सिंह सिद्धू के हाथ में है, जबकि दूसरे गुट की अगुवाई कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह संधू कर रहे हैं। दोनों नेताओं के खींचतान के कारण चार माह से नगर काउंसिल के पदाधिकारियों का चुनाव नहीं हो पा रहा था और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। शुक्रवार को चुनाव के लिए बैठक रखी तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयपाल संधू गुट के पार्षदों ने दूरी बना ली। 29 में से महज 8 पार्षद शामिल होने के बावजूद प्रशासन ने सीनियर उपाध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद का चुनाव करवा दिया। इन पदों पर भाई राहुल गुट के स्वतंत्र जोशी व सुरिंदरपाल कौर बराड़ के चयनित होने का एलान कर दिया गया। अध्यक्ष का पद बीसी वर्ग के लिए आरक्षित है और बैठक में बीसी वर्ग का कोई भी पार्षद नहीं आया तो प्रशासन को अध्यक्ष पद का चुनाव स्थगित करना पड़ा। इस दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत भी बतौर पार्टी निगरान मौके पर पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया के दौरान नगर काउंसिल के एक अन्य कमरे में भाई राहुल सिंह सिद्धू के साथ हाजिर रहे।
जानकारी के अनुसार नगर काउंसिल कोटकपूरा में कुल 29 पार्षद है, जिनमें से कांग्रेस के 21, अकाली दल के 3 जबकि 5 आजाद हैं। अध्यक्ष का पद बीसी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया था और कांग्रेस के पास बीसी वर्ग के दो पार्षद व स्पष्ट बहुमत था। इसके बावजूद दो गुटों में बंटे होने के कारण नगर काउंसिल के पदाधिकारियों का चुनाव नहीं हो पा रहा था। अजयपाल गुट का आरोप था कि भाई राहुल सिद्धू जानबूझकर चुनाव नहीं होने दे रहे, इस संबंध में उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया गया। कानूनी दावपेच के बीच प्रशासन ने शुक्रवार को सुबह 11 बजे चुनाव रखा और अजयपाल गुट के पास बहुमत योग्य पार्षद होने के बावजूद समर्थक पार्षद बैठक में नहीं आए। इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवां भी नगर काउंसिल दफ्तर पहुंचे, लेकिन उन्होंने दफ्तर के बाहर ही कुर्सी के लिए लड़ रहे कांग्रेस नेताओं की निंदा करते हुए बैठक का बायकॉट कर दिया और सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। उधर, बैठक से दूर रहे नगर काउंसिल के 20 पार्षदों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह संधू के घर बैठक कर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इन 20 पार्षदों में कांग्रेस के 13, अकाली दल के 3 व 4 आजाद पार्षद शामिल थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह संधू ने आरोप लगाया कि इन पार्षदों को बैठक में शामिल होने से रोका गया और धमकियां दी गई। उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल में पदाधिकारियों के चुनाव के नाम पर लोकतंत्र की लूट की गई है, जिसके संबंध में वह इंसाफ के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। मामले में चुनाव अधिकारी कम एसडीएम अमरिंदर सिंह टिवाना ने कहा कि 11 बजे होने वाली बैठक के लिए सभी पार्षदों को सूचित किया गया था और करीब साढ़े 11 बजे तक 8 पार्षद शामिल हुए जिन्हें नियमानुसार शपथ ग्रहण करवाई गई और बीसी वर्ग का पार्षद न होने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव स्थगित कर दिया गया, जबकि बाकी दोनों पदों के लिए सर्वसम्मति से चुनाव किया गया।