वर्तमान में शुगर एक ऐसी बीमारी बनती जा रही है, जिसकी चपेट में तकरीबन हर घर का एक सदस्य आ गया है। इसके बारे में जागरूकता न होने से कई लोग जान गवां रहे हैं।
कई लोगों के अंग काटने तक की नौबत आ जाती है। शूगर के मरीजों में फूट डायबिटीज और गैगरीन बीमारी घातक रूप ले रही है। फोर्टिस के डॉ. राहुल जिंदल ने कहा कि देश में शुगर के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
1995 में शूगर मरीजों की संख्या करीब 2 लाख थी। 2000 में लगभग 5 लाख पहुंच चुकी है। साल 2007 तक यह संख्या करीब 7 लाख पहुंच गई थी।
साल 2025 आते-आते देश में शूगर मरीजों की संख्या 12 से 14 प्रतिशत तक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शुगर के मरीजों में फुट डायबिटीज की बीमारी तेजी से बढ़ रही है।
इस बारे में लोगों में जागरूकता न होने से मरीजों के पांव तक काटने की नौबत आ जाती है। इस सब का मुख्य कारण यह है कि शुगर के मरीज पैर में लगी चोट को गंभीरता से नहीं लेते।
शुगर मरीज को अगर पैर में किसी तरह की चोट लगती है या फिर किसी प्रकार का जख्म हो जाता है तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस तरह के जख्म होने पर स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।