नूरमहल डेरे के स्वामी आशुतोष महाराज की समाधि को डेढ़ साल का समय बीत चुका
है, मगर अभी तक इस मामले से पर्दा नहीं उठाया गया है। लोगों को अंधेरे में
रखकर अंधविश्वास फैलाया जा रहा है। डेरे से वोट बैंक का नाता होने के कारण
पंजाब सरकार इस मामले में कोई एक्शन नहीं लेना चाहती। यह आरोप शुक्रवार को
आशुतोष महाराज के पूर्व ड्राइवर पूर्ण सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में लगाए।
उन्होंने
कहा कि हरियाणा सरकार रामपाल का डेरा बंद करवा सकती है, तो पंजाब सरकार
नूरमहल डेरे को बंद क्यों नहीं करवा रही। सरकार चाहे तो महाराज की समाधि का
रहस्य सभी लोगों के सामने आ जाए, मगर ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने
मांग उठाई कि हरियाणा की तरह ही पंजाब सरकार नूरमहल के डेरे को खाली करवाए
और कब्जा लेकर लोकभलाई के काम करवाए।
उन्होंने कहा कि महाराज का बेटा
दिलीप संस्कार करवाने के हक में है, मगर डेरा प्रबंधक उन्हें झूठा बता रहे
हैं। सरकार दिलीप का डीएनए टेस्ट करवा कर सारा खुलासा कर सकती है, मगर डेरा
प्रबंधक डीएनए करवाने के लिए तैयार नहीं है। पूर्ण सिंह ने कहा कि संगत को
अंधविश्वास में रखा जा रहा है। डेरा प्रबंधक महाराज के शरीर को संगत के
सामने लाने को तैयार नहीं है। संगत को कभी भी महाराज की समाधि के दर्शन
नहीं करवाए गए।
उन्होंने कहा कि विशालानंद, अरविंदानंद और नरिंदरानंद
खुद समाधि में बैठकर पता क्यों नहीं करते कि महाराज ने कब समाधि से वापस
आना है। यह सब झूठा प्रचार करके संगत के साथ धोखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा
कि हाईकोर्ट ने महाराज का 15 दिन में संस्कार करवाने का फैसला दिया था,
मगर संस्थान की तरफ से डबल बैंच याचिका डाल दी गई जिसका अभी तक कोई फैसला
नहीं आया है। इस मामले की अगली तारीख 25 मई को है। वह कोर्ट से मांग करते
हैं कि इस मामले में सीबीआई जांच करवाई जाए। उन्होंने मांग की है कि आशुतोष
महाराज के शरीर को उनके इकलौते बेटे दिलीप को सौंप दिया जाए।