प्रवर्तन निदेशालय के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्करी रैकेट में जांच अधिकारी निरंजन सिंह का तबादला रद्द होने से एक बार फिर मामले में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है।
इसके साथ ही राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किल भी बढ़ सकती है। निरंजन सिंह वही अधिकारी हैं, जिन्होंने पहली बार मजीठिया को केस में तलब किया था।
इसके बाद उनका तबादला कोलकाता कर दिया गया था। इसके साथ ही स्पेशल प्रोसीक्यूटर सुरेश बत्रा का भी तबादला रद्द कर दिया गया है।
निरंजन सिंह ने हाई प्रोफाइल ड्रग रैकेट में अपनी जांच शुरू की तो मजीठिया का नाम आने से पंजाब का राजनीतिक माहौल गर्मा गया।
इससे पहले कि कई अहम सवालों की बारीकी तक जांच अधिकारी निरंजन सिंह जाते, उनका तबादला कर दिया गया था। निरंजन सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली और उनके तबादले पर रोक लगा दी गई थी और पिछले 10 माह से यह रोक जारी थी कि अचानक केंद्र सरकार ने उनका तबादला रद्द कर दिया है।
ईडी के सहायक डायरेक्टर निरंजन सिंह अभी केस में दोबारा नए सिरे से जांच शुरू करने की तैयारी में लग गए हैं। इसमें कई सवाल ऐसे हैं, जो मजीठिया के लिए आने वाले दिनों में दिक्कत पैदा कर सकते हैं।
जांच टीम के हौसले दोबारा बुलंद हैं। सवालों के घेरे में मजीठिया दोबारा घिर सकते हैं।