नाइजीरिया में बंदी 10 भारतीयों में से आठ हफ्तेभर में भारत लौट आएंगे। वीरवार को लागोस स्थित नाइजीरिया हाईकोर्ट ने 10 में से आठ भारतीयों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। जहाज के कप्तान और सेकेंड अफसर को पंद्रह साल की सजा सुनाई गई है। ये जानकारी नाइजीरिया जेल में बंद होशियारपुर निवासी गगन कुमार ने अपने पिता को दी। नाइजीरिया से ही भारतीय बंदियों के वकील फेमी एडेग्बाइट ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि की।
नवंबर 2012 को नाइजीरिया की नौसेना ने एक भारतीय जहाज को पकड़ा था। जहाज पर सवार 10 भारतीयों पर तेल चोरी समेत विभिन्न आरोप लगाए गए थे। तब से वह नाइजीरिया की जेल में ही बंद थे। पिछले साल फरवरी में जमानत मिलने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा था। फोन पर हुई बातचीत में गगन ने अपने पिता को बताया कि उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि उन्हें रिहा कर दिया जाएगा क्योंकि उन पर लगाए गए कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाए थे।
गगन के पिता बचन लाल ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि गगन और उसके साथी करीब डेढ़ साल की यातना झेलने के बाद आखिरकार निर्दोष साबित हुए हैं। नाइजीरिया से फोन पर वकील फेमी एडेग्बाइट ने अमर उजाला को बताया कि जहाज के कैप्टन शैलेश कुमार सिंह व सेकेंड अफसर (चीफ इंजीनियर) चंद्र शेखर शर्मा को विभिन्न आरोपों में 15 साल की कैद की सजा सुनाई है। आठ अन्य को बरी कर दिया गया है।