अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने 2021 में जालंधर के फिल्लौर में एक पुजारी की हत्या के मामले की छानबीन व जांच के दौरान आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को मुख्य साजिशकर्ता घोषित किया था और दावा किया था कि आरोपी खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के साथ जुड़े हुए हैं। इसका मकसद पुजारी की हत्या कर पंजाब में आग लगाना था। एनआईए ने तो हरदीप निज्जर पर 10 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी। निज्जर भारत में ‘सिख्स फॉर जस्टिस' के अलगाववादी और हिंसक एजेंडे को भी बढ़ावा दे रहा था। एनआईए ने 31 जनवरी 2021 को फिल्लौर में हिंदू पुजारी कमलदीप शर्मा की हत्या की साजिश के सिलसिले में जांच 8 अक्तूबर, 2021 को अपने हाथ में ली थी। जांच से पता चला है कि पुजारी की हत्या कर पंजाब में शांति भंग करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के इरादे से पूरी साजिश कनाडा में रहने वाले आरोपी अर्शदीप और निज्जर ने रची थी।
मोगा पुलिस ने पुजारी पर गोली चलाने वाले दोनों आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ रवि व राम सिंह उर्फ सोनू के रूप में हुई थी। दोनों के पास से चार पिस्टल और 48 गोलियां मिलीं और जांच के दौरान कड़ी से कड़ी जुड़ी तो पता चला कि दोनों को कनाडा से पैसा भेजा जाता था। कनाडा से हरदीप निज्जर व अर्शदीप सिंह ने पंजाब में अपने स्लीपर गुट के दो शूटरों से 31 जनवरी 2021 को सुबह करीब दस बजे फिल्लौर के भारसिंहपुरा गांव के धार्मिक स्थल पर गोलियां चजाई थीं। हमले में डेरे का संत ज्ञान मुनि और उन्हें बचाने का प्रयास कर रही लड़की सिमरन बुरी तरह से घायल हो गई थी।