यहां के मिनी सचिवालय में पिछले माह लगभग 400 तोतों की जामुन के वृक्षों के नीचे हुई मौत के मामले में एक याचिका के आधार पर एनजीटी ने राज्य के चीफ वार्डन वाइल्ड लाइफ को वातावरण माहिर की मदद से जांच करवाने के आदेश दिए हैं। साथ ही निर्देश दिए है कि इस बात का पता लगाया जाए कि आखिरकार इतनी संख्या में तोतों की मौत क्यों हुई और जांच मुकम्मल करके रिपोर्ट भेजने व भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की भी हिदायतें दी हैं।
जानकारी के अनुसार तोतों की मौत के बाद वातावरण व पक्षियों को समर्पित संस्थाओं सीर और मासूम परवाज सोसायटी ने आवाज बुलंद की थी जिसके बाद वातावरण प्रेमी व पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने एनजीटी में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर एनजीटी ने जांच के आदेश जारी किए हैं।
सीर सोसायटी के प्रधान गुरमीत सिंह संधू और मासूम परवाज सोसायटी के प्रधान शंकर शर्मा ने एचसी अरोड़ा का आभार जताते हुए एनजीटी के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं के कारण विलुप्त हो रहे पक्षियों को बचाने के लिए यह पहला कदम है।