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पंजाब का रण: दस मार्च के बाद जो भी सत्ता में आएगा, धरातल पर चुनौतियों का अंबार पाएगा

Wed, 09 Mar 2022 12:15 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

पंजाब के 30 हजार करोड़ रुपये हर साल विदेशों में ट्रांसफर हो रहे हैं। हर साल पंजाब से ही अकेले 1.5 लाख  कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की विभिन्न संस्थाओं में जाते हैं।
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पंजाब विधानसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में गुरुवार को तय हो जाएगा कि इस बार सत्ता कौन संभालेगा। सरकार जो भी बनाए उसे पंजाब में हर रास्ते पर कांटों से गुजरना होगा वहीं पंजाब के कर्ज को उतारने से लेकर इंडस्ट्री को बचाना भी एक बड़ी चुनौती होगी। पंजाब में पानी से लेकर प्रतिवर्ष 30 हजार करोड़ विदेशों में जाने, बेरोजगारी, ड्रग, कानून व्यवस्था से भी निपटना होगा। 

पंजाब में किसानी व पानी को बचाना चुनौती

पंजाब के 40 फीसदी छोटे किसान या तो समाप्त हो चुके हैं या अपने ही बिक चुके खेतों में मजदूरी करने को मजबूर हैं। पंजाब के 12,644 गांवों में प्रतिवर्ष 10 से 15 परिवार उजड़ रहे हैं। नए बीज, नई फसलें, अजीबोगरीब खाद, कीड़े मार दवाएं, भयंकर किस्म का मशीनीकरण और आंखों में धूल झोंकने वाले प्रचार ने किसानों का भविष्य अंधेरी गुफा में झोंक दिया है। गांवों में 15.5 लाख सबमर्सिबल चल रहे हैं, धान की खेती ने पंजाब का पानी खत्म कर दिया है। पानी जो 20 फीट पर आसानी से मिलता था, आज कई स्थानों पर 450 फीट तक जा चुका है। सबमर्सिबल पंपों के लिए जहां कुछ बरस पहले पांच हॉर्स पावर की मोटर काम करती थी, वहीं आज 15 से 20 हॉर्स-पावर की मोटर जरूरी हो गई है। ऐसी आशंका है कि 2037 तक पंजाब में पानी का जबरदस्त संकट होगा।

पंजाब का 30 हजार करोड़ जा रहा है विदेश में...

पंजाब के 30 हजार करोड़ रुपये हर साल विदेशों में ट्रांसफर हो रहे हैं। हर साल पंजाब से ही अकेले 1.5 लाख  कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की विभिन्न संस्थाओं में जाते हैं।  एक छात्र पर औसतन 15 से 22 लाख रुपये वार्षिक खर्च आता है। औसतन पंजाब के अभिभावक करीब तीस हजार करोड़ रुपये विदेशी खातों में हर साल फीस के रूप में जमा करवाते हैं, जो पंजाब सरकार के बजट का 20 फीसदी है। पंजाब का पैसा बाहरी देशों में निवेश होने लगा है।

पंजाब की इंडस्ट्री पर संकट, 6 हजार इकाईयां बंद हुईं

पंजाब में इंडस्ट्री पर गहरा संकट चल रहा है। पहाड़ी राज्यों को पैकेज देने के बाद पंजाब में 2007 से लेकर 2015 तक 19 हजार इंडस्ट्री शिफ्ट हो गई है। औसतन हर रोज 6 छोटी इकाईयां पंजाब में बंद हो रही हैं। पंजाब में बिजली संकट भी गहरा है, जिस कारण इंडस्ट्री शिफ्ट होती जा रही है। पंजाब में बिजली की आपूर्ति के लिए किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।

हर पंजाबी पर एक लाख रुपये का कर्ज, कर्जा जीडीपी का 55 फीसदी..

2022 में पंजाब की आबादी तीन करोड़ होने का अनुमान है। राज्य पर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, यह दर्शाता है कि प्रत्येक पंजाबी के ऊपर 1 लाख रुपये का कर्ज है। 2003 तक देश में कृषि प्रधान राज्य की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक थी। पंजाब में जीडीपी 5.4 लाख करोड़ रुपये है। स्पष्ट है कि कर्जा जीडीपी का 55 फीसदी है और पंजाब को इस संकट से निकलना होगा, राजस्व के नए साधन तैयार करने होंगे।

बेरोजगारी 7.8 फीसदी जबकि भारत में 6.1 फीसदी....

पंजाब की एक बड़ी दिक्कत बेरोजगारी है। पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब में निवेश काफी कम है। इंडस्ट्री हिमाचल, जम्मू-कश्मीर के अलावा मेरठ व अन्य प्रदेशों में शिफ्ट हो रही है, नतीजन पंजाब में जबरदस्त बेरोजगारी का संकट गहराने लगा है। पंजाब में बेरोजगारी की दर 7.8 फीसदी तक पहुंच गई है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़ा 6.1 फीसदी है।

ड्रग, ड्रोन से निपटना सबसे बड़ी चुनौती...

पंजाब में नशा सबसे बड़ा मुद्दा है। एक साल में एक हजार किलो हेरोइन पाकिस्तान से धकेली जा रही है। पंजाब का हर छठा व्यक्ति (41 लाख लोग) नशे का आदी है। 22 लाख लोगों को शराब और 2.70 लाख लोगों को अफीम, चूरा-पोस्त, हेरोइन की लत है। पीएम मोदी ने जालंधर में भाषण के दौरान कहा कि नया पंजाब बनेगा तो नशा मुक्त होगा। पाक से सटे पंजाब के इलाकों में पिछले काफी समय से ड्रोन के माध्यम से हथियारों की सप्लाई होने से सुरक्षा की चुनौती पैदा हो गई है। 2019 से ही पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से खतरनाक हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई कर रहा है। पंजाब की 553 किलोमीटर सीमा पाकिस्तान के साथ सटी है। 149 किलोमीटर की सीमा तो ड्रोन घुसपैठ के लिहाज से अति संवेदनशील है। 

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