युवाओं के पास सिर्फ दो ऑप्शन
इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर मोंटू का कहना है कि पंजाबी युवाओं के समक्ष दो ही विकल्प हैं, या तो वह अवैध रूप से कनाडा में छिपकर अपना जीवन व्यतीत करें या फिर कनाडा छोड़कर भारत आ जाएं। कुछ युवाओं ने कनाडा से अमेरिका रुख करना शुरू कर दिया है। एक साल में 46 हजार से अधिक कनाडा से अमेरिका का बॉर्डर क्रॉस करते युवा पकड़ गए हैं, जो चिंता पैदा करने वाले हैं। कनाडा के विभिन्न प्रांतों, जैसे प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, ओंटारियो, मैनिटोबा, और ब्रिटिश कोलंबिया में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में बढ़ेगी परेशानी
कनाडा की सरकारी एजेंसी इमिग्रेशन रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप के अनुसार 2024 में लगभग 3,60,000 वर्क परमिट के आसपास रहने की उम्मीद है, जो 2023 वर्ष से 35 फीसदी कम है। कनाडा में आगामी दिन पंजाबी मूल के युवाओं के लिए काफी परेशानी भरे होने जा रहे हैं। वीजा फाइल अधर में लटकी पड़ी हैं। अगर वर्क वीजा है तो पीआर की फाइल लटकी है।
इस साल 50 लाख परमिट खत्म
कनाडा के वैंकुवर से स्टडी वीजा एक्सपर्ट मुनीश शर्मा का कहना है कि 2025 में 50 लाख परमिट समाप्त होने वाले है। इसमें से 7 लाख परमिट विदेशी विद्यार्थियों के हैं। जिसमें भारी संख्या पंजाबी मूल के युवाओं की है। त्रूदो सरकार की नीतियो के कारण छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकार रोजाना नियम सख्त कर रही है। कनाडा में रहने वाले युवा अधर में लटक रहे हैं।