किडनी रैकेट में नेशनल किडनी अस्पताल पर अब पुलिस का शिकंजा कसने लगा है।
पुलिस नेे अस्पताल की किडनी ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर नीना रानी उर्फ साधना
को केस में नामजद कर लिया गया है।
स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम की प्राथमिक
जांच में सामने आया है कि नीना रानी उर्फ साधना किडनी ट्रांसप्लांट के सभी
केसों को हैंडिल कर दस्तावेज भी पूरे करती थी। वह किडनी खरीदने वाले से
पचास हजार रुपये लेती थी। नीना उर्फ साधना अस्पताल से छुट्टी पर है।
एडीसीपी
क्राइम जे इलेनचेलियन के मुताबिक केस में अभी तक 19 लोग नामजद किए जा चुके
हैं। अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, बाकी 14 लोगों में नीना
उर्फ साधना समेत इकबाल खान निवासी दुबरगा चौराहा लखनऊ, आयुष जैन निवासी
ईस्ट कैलाश नई दिल्ली, पूनम जैन, अंकित अरनेजा निवासी लाजपत नगर दिल्ली,
अंकुर अरनेजा निवासी लाजपत नगर दिल्ली, दुर्गा निवासी कानपुर उत्तर प्रदेश,
सुजाता निवासी कालका मंदिर नई दिल्ली, मोहिंदर खुराना निवासी कालका मंदिर
नई दिल्ली, उम्र राजा खान निवासी मिल्ट्री कॉलेज लखनऊ, गोबिंदा निवासी
धर्मशाला हिमाचल प्रदेश, सुनील कौल निवासी कोतवाली बाजार धर्मशाला हिमाचल
प्रदेश, विक्की व सद्दीक निवासी कानपुर की तलाश की जा रही है। इन सभी ने
किडनी खरीदी और बेची है।
जांच में पता चला कि किंगपिन जुनैद खान का
संपर्क नेशनल किडनी अस्पताल में ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर नीना उर्फ साधना
निवासी किशनपुरा जालंधर से था। वह जुनैद से प्रति केस 50 हजार रुपये लेती
थी। एसआईटी के मुताबिक डॉ. राजेश अग्रवाल से जांच के संबंधी कई दस्तावेज
मांगे गए हैं। उन्होंने कुछ समय की मोहलत मांगी है।