हालांकि नहरी विभाग की ओर से लंबी माइनर के करवाए जा रहे मरम्मत कार्य की वजह से कई माइनरों में 30 अप्रैल के बाद पानी आने की संभावना है।
ऐसे में नरमे की बिजाई समय पर न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हलका बल्लूआना के अंतर्गत आते गांव हिम्मतपुरा के किसानों ने नहरी विभाग से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
गांव हिम्मतपुरा निवासी बिनोद बिशभनोई, निर्मल नंबरदार, पवन पूनिया, सुशील कुमार, तीरथ सिंह, धर्मपाल, विष्णु, प्रवीण, कुलदीप कड़वासरा, कमल डेलू और कुलदीप डेलू ने बताया कि लंबी माइनर में मरम्मत कार्य की वजह से पिछले करीब एक सप्ताह से यह नहर बंद है। इस कारण इसकी वितरिकाएं तरमाला, महराज पुरा व मलूकपुरा माइनरें भी बंद हैं लेकिन सरकार ने अभी तक इसकी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं करवाया।
इससे नहर में समय पर पानी न छोड़े जाने से नरमे की बिजाई लेट होगी। किसानों का कहना था कि नरमे की बिजाई 15 अप्रैल से 15 मई के बीच होनी है। लेकिन नहर बंदी के चलते यह बिजाई लेट हो सकती है। इससे इसके उत्पादन पर विपरीत असर पड़ेगा। मरम्मत कार्य करवाने वाले ठेकेदार का कहना है कि इन नहरों में 15 मई के बाद पानी छोड़े जाने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो पूरे क्षेत्र में नरमे की बिजाई समय पर नहीं हो पाएगी।
नहरी विभाग के एक्सईएन रमेश गुप्ता का कहना है कि किसानों के आग्रह पर ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लंबी माइनर का नवीनीकरण शुरू करवाया है। 30 अप्रैल के बाद हर हालत में नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा और नरमे की बिजाई किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। हर वर्ष ही अप्रैल में नहरबंदी होती है। लेकिन नरमे की बिजाई समय पर होती रही है।