डेंगू वार्ड का निरीक्षण करते सांसद संतोख सिंह चौधरी।
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सिविल अस्पताल में बुधवार को जब डेंगू वार्ड का दौरा करने सांसद संतोख सिंह पहुंचे तो उनका सामना हड़ताल पर बैठी नर्सों से हो गया। सांसद को मौके पर देखकर नर्सिंग स्टाफ का पारा बढ़ गया और उन्होंने कांग्रेस की पंजाब सरकार खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांसद के सामने ही नर्सों ने यह सरकार निक्कमी है, यह सरकार बदलनी है, के नारे तक लगा डाले।
आखिर नर्सिंग स्टाफ के धरने तक पहुंचे सांसद को नर्सों की बात तो सुननी पड़ी। नर्सों ने सांसद को अपनी मांगो से अवगत करवाया तो सांसद ने भी कह दिया कि हर कार्य का एक प्रोसेस होता है, मैं आपकी बात मंत्री साहब तक पहुंचा दूंगा। सांसद ने जब सिविल अस्पताल में परेशान हो रहे मरीजों व बच्चों की दुहाई देकर नर्सिंग स्टाफ से हड़ताल खत्म करने का आवाह्न किया तो नर्सों ने इस परेशानी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया।
स्टाफ ने सांसद से साफ कह दिया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर अधिसूचना जारी नहीं होती, वह हड़ताल खत्म नहीं करेंगी। जब सांसद अपनी कार में बैठने लगे तो सिविल अस्पताल के सफाई कर्मचारियों ने उन्हें नियमित करने की मांग को लेकर घेर लिया। सांसद ने किसी तरह कर्मचारियों को आश्वासन देकर वहां से निकलना ही बेहतर समझा।
सांसद के जाते ही सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वह आज डीसी ऑफिस के बाहर भूख हड़ताल करने जा रहे हैं। इसके बाद वह भी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस हड़ताल की वजह के बारे में नर्सिंग स्टाफ का कहना था कि पहले उनका पे-ग्रेड 4600 रुपये हुआ करता था। साल 2011 में उनका पे-ग्रेड कम कर 3200 रुपये कर दिया गया। इसके बाद अब 3200 से भी कम कर उन्हें 2800 रुपये पे-ग्रेड दिया जा रहा है।