अबोहर में पीड़ित संतोष कुमार से बातचीत करते करणबीर सिंह इंदौरा।
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पंजाब अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के सदस्य करण बीर सिंह इंदौरा ने बुधवार को कहा है कि पुलिस और धनी लोग कानून से खिलवाड़ करना छोड़ दें, अन्यथा उन्हें आयोग की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पुलिस को अपनी कार्यशैली सुधारने की भी नसीहत दी। इंदौरा गांव हरीपुरा निवासी जमींदार की पिटाई से घायल हुए अनुसूचित जाति के व्यक्ति का कुशलक्षेम पूछने बुधवार को सरकारी अस्पताल पहुंचे थे।
इंदौरा से को गांव हरीपुरा निवासी पीड़ित संतोष मेघवाल ने बताया कि गांव के जमींदार राजिंद्र कुमार का भाई उसकी पत्नी को अपने साथ कहीं ले गया। संतोष ने आरोप लगाया कि जब उसने थाना खुईयां सरवर पुलिस को नामजद शिकायत दर्ज करवाई तो राजिंद्र कुमार, मोहनलाल, अशोक कुमार और सुनील कुमार आदि ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए उसे घर में बंधक बनाकर पीटा। इसके पुलिस ने उसे छुड़वाया। इस पर इंदौरा ने मौके पर मौजूद थाना खुईयां पुलिस के प्रभारी रमन कुमार को हिदायत दी कि पीड़ित संतोष के बयान पर दर्ज मुकदमे में एससी एसटी एक्ट शामिल किया जाए और पीड़ित की पत्नी व बच्चों का पता लगाया जाए।
इंदौरा ने गांव काला टिब्बा निवासी अनुसूचित जाती के खेत मजदूर के साथ थाना बहाववाला के हवलदार राजकुमार की ओर से थाने में ही की गई मारपीट पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हवलदार राजकुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया लेकिन एससीएसटी एक्ट नहीं जोड़ा गया। इंदौरा ने कहा कि पुलिस प्रशासन जानबूझ कर अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार करने वालों को बढ़ावा दे रही है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस अधिकारी व अस्पताल के एसएमओ गगनदीप सिंह भी मौजूद थे।