गत 29 दिसंबर को मेलबोर्न में हमले का शिकार हुए होशियारपुर के नंगलकलां गांव के 20 वर्षीय मनराजविन्दर सिंह की मां सरबजीत कौर को जब खबर मिली कि मनराजविंदर कोमा से बाहर आ गया है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मनराजविन्दर के बड़े भाई यादविन्दर सिंह से फोन पर यह खबर दी तो गांव पक्खोवाल में रह रहे पिता सुरिन्दरपाल सिंह व मां सरबजीत कौर की आंखें खुशी से नम हो गईं। मनराजविन्दर की मां सरबजीत कौर व ग्रीस से लौट कर आए पिता सुरिन्दरपाल सिंह हर पल इस इंतजार में हैं कि कब उन्हें आस्ट्रेलियन हाई कमीशन से वीज़ा मिले और वह अपने बेटे के पास पहुंचें।
दोनों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के अधिकृत चिकित्सक डा. गुरमोहन सिंह संधू से मेडिकल कराया और वहां से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट हासिल की। अब इस रिपोर्ट के साथ उन्हें बुधवार की सुबह दस बजे नई दिल्ली स्थित आस्ट्रेलियाई उच्चायोग के समक्ष वीज़ा के लिए पेश होना है।
वीज़ा मिलने पर उनकी योजना अपने गांव नंगल कलां लौट कर वहां से अपना सामान व जरूरी कागजात आदि लेकर वीरवार को वापस नई दिल्ली जाने की है। वहां से वे मेलबोर्न के लिए रवाना होंगे।
इस बीच मेलबोर्न से मिली जानकारी के मुताबिक मनराजविन्दर के बड़े भाई यादविन्दर सिंह व ममेरे भाई माइकल इमान सिंह ने परिजनों को सूचित किया है कि हमले के बाद अस्पताल में दाखिल रहने के दौरान डाक्टरों ने मनराजविन्दर सिंह के सिर का ऑपरेशन किया था।
इसके बावजूद उसे होश नहीं आया था, लेकिन रविवार से उसकी हालत में सुधार दिखा और सोमवार को वह हमले के बाद से पहली बार होश में आया। मनराजविंदर के इलाज पर होने वाला सारा खर्च आस्ट्रेलिया सरकार उठा रही है।
गौरतलब है कि 29 दिसंबर को मेलबोर्न के कैंब्रिज कॉलेज में कामर्स अंडर ग्रेजुएट अकाउंट कोर्स के विद्यार्थी मनराजविन्दर सिंह पर आठ हमलावरों ने उस वक्त जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जब वह अपने दो दोस्तों के साथ मेलबोर्न में फुटपाथ पर बैठा था।