अप्रैल में कनाडा के रास्ते आया था भारत
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। अमेरिकी जांच एजेंसियों की सर्वाधिक वांछित सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह अमेरिका में सरकारी खाद्य सहायता योजना में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का वांछित था। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध और भगोड़ों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई।
बेदी ताकोमा में एशियन ग्रॉसरी स्टोर नाम से किराना दुकान चलाता था। उस पर सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (एसएनएपी) योजना के लाभार्थियों को नकद रकम देने का आरोप है। वह ईबीटी कार्ड स्वाइप कर उस रकम का 50 फीसदी अपने पास रखता था। मार्च 2024 से जून 2025 के बीच इस धोखाधड़ी से अमेरिकी सरकार को करीब 5.3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अमेरिकी अदालत ने उसे कुछ शर्तों पर पेश होने की अनुमति दी थी, जिसमें पासपोर्ट जमा करना और वाशिंगटन राज्य में रहना शामिल था।
कनाडा और भारत तक का सफर
मंजीत बेदी ने अदालत की इन शर्तों का उल्लंघन किया। वह सड़क मार्ग से अमेरिका-कनाडा सीमा पार कर कनाडा पहुंचा। अप्रैल 2026 में वह वहां से भारत आ गया। अमेरिकी जिला अदालत ने 21 मई 2026 को उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया। पंजाब पुलिस की खुफिया टीमों ने उसकी गतिविधियों का पता लगाकर उसे जालंधर में गिरफ्तार किया। अब उसके अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।