लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की प्रो चांसलर रश्मि मित्तल ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई करने से पहले जानकारी को सत्यापित करें। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाह या भ्रम था तो प्रबंधन से सीधे संपर्क क्यों नहीं किया?
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हालिया हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. रश्मि मित्तल ने छात्रों से सीधे संवाद करने की अपील करते हुए सवाल किया है कि यदि छात्रों के बीच किसी घटना या सूचना को लेकर भ्रम था तो उन्होंने सीधे यूनिवर्सिटी प्रबंधन से संपर्क क्यों नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या, शिकायत या सवाल को लेकर छात्र उनके कार्यालय अथवा यूनिवर्सिटी प्रशासन से सीधे बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारियों पर ध्यान न देने की अपील की।
डॉ. रश्मि मित्तल ने कैंपस में हुई हालिया घटनाओं और तोड़फोड़ को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी अपने छात्रों को परिवार का हिस्सा मानती है और उनके साथ उसका विशेष रिश्ता है।
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उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को लेकर भ्रम की स्थिति में सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी के आधार पर प्रतिक्रिया देने के बजाय छात्रों को सीधे प्रबंधन से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं और शिकायतों को सीधे सुना जाएगा तथा संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
घटना पर निराशा और कार्रवाई की बात
मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसी घटनाओं के प्रति "जीरो-टॉलरेंस" का दृष्टिकोण रखता है। उन्होंने निराशा व्यक्त की कि छात्रों ने अधिकारियों से संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने एक अफवाह पर विश्वास किया और फिर इकट्ठा हो गए, जिससे ये सब घटनाएं हुईं। मित्तल ने आगे कहा कि कथित लूटपाट और अन्य विघटनकारी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस भी इसे गंभीरता से ले रही है। विश्वविद्यालय के रूप में, ऐसे गलत लोगों का ध्यान रखना उनकी भी जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय उनका समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि घटना में कथित रूप से शामिल बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया का उपयोग और भर्ती अभियान
मित्तल ने उन छात्रों की सराहना की जिन्होंने गलत सूचना का मुकाबला करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रथम वर्ष के छात्रों को स्थिति को समझने में मदद की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एक कंपनी भर्ती अभियान को भी स्थगित कर दिया था।
यह अभियान उस अवधि के दौरान होने वाला था। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से छात्रों पर असर पड़ सकता है। मित्तल ने प्रत्येक छात्र से अपील की कि उनका कॅरिअर, भविष्य और सुरक्षा विश्वविद्यालय के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया पर अप्रमाणित पोस्ट साझा न करने का आग्रह किया।
अवकाश और भविष्य की प्रतिबद्धताएं
मित्तल ने छात्रों से विश्वविद्यालय द्वारा घोषित 10 दिन की छुट्टी के दौरान अपने परिवारों के साथ रहने की अपील की। उन्होंने छात्रों से शांत रहने और अपनी आगामी शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। इसमें मध्य-अवधि की परीक्षाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने छात्रों से सकारात्मक रहने और मानसिक शांति बनाए रखने को कहा, जो प्रत्येक छात्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मित्तल ने छात्रों को आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय उनका समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो कथित तौर पर इस घटना में शामिल थे।