अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। जालंधर लोकसभा उपचुनाव को चंद दिन शेष बचे हैं और तमाम राजनीतिक पार्टियों ने ताकत झोंक दी है। जहां आम आदमी पार्टी इस बार दिल्ली का लेबल हटाकर अपने बलबूते पर चुनाव मैदान में है। वहीं कांग्रेस की तरफ से भी दिल्ली से कोई नेता प्रचार के लिए नहीं आया है और पूरा मोर्चा स्थानीय लीडरशिप ने संभाल रखा है। जबकि भाजपा की तरफ सारी कमान दिल्ली के हाथ है। केंद्र सरकार के पांच मंत्री के अलावा तीन सांसद, गुजरात के पूर्व सीएम के अलावा यूपी के पूर्व मंत्री अपना जोर गली गांव में लगा रहे हैं। भाजपा इसको अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमिफाइनल मान रही है। लिहाजा पूरी ताकत झोंकी जा रही है।
भाजपा की तरफ से पूरी कमान गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी ने संभाल रखी है जबकि भाजपा उपाध्यक्ष सौदान सिंह व यूपी के पूर्व मंत्री मोहिंदर सिंह इस सीट पर रणनीति तैयार कर रहे हैं। रणनीति के तहत ही केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, हरदीप पुरी, जितेंद्र सिंह, स्मृति ईरानी, गजेंद्र शेखावत को मैदान में उतारा गया है। मंत्री स्मृति ईरानी तो जमीनी स्तर के बूथ इंचार्ज की मीटिंग कर उनको टिप्स दे रही हैं और बाजार की संकरी गलियों में खुद प्रचार के लिए उतरी हुई हैं। अनुराग ठाकुर का परिवार जालंधर से जुड़ा रहा है, लिहाजा उनका लंबा चौड़ा सोशल नेटवर्क जालंधर में है। वह भाजपा के सोशल मीडिया की कमान संभाले हुए हैं और खुद इलाके में जाकर प्रचार कर रहे हैं। हरदीप पुरी पूरी तरह से फ्रंट फुट पर खेल रहे हैं। हर मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेर रहे हैं और व्यापारियों से लेकर ट्रेडर्ज की मीटिंग कर शहरी सिखों में विश्वास पैदा कर रहे हैं। भाजपा की सांसद सुनीता दुग्गल, अनिल जैन व दिल्ली से सांसद हंसराज हंस भी जालंधर में डेरा डालकर भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे हैं। भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा का कहना है कि भाजपा एक परिवार है और परिवार में हरेक सदस्य का अपना रोल है। पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है और इस बार चुनाव परिणाम चौकाने वाले होंगे।
वहीं इस बार कांग्रेस अपने बलबूते पर स्थानीय लीडरशिप चुनाव लड़ रही है। हालांकि कांग्रेस से कैप्टन अमरिंदर सिंह व सुनील जाखड़ इस बार भाजपा में है लेकिन फिर भी स्टेट लीडरशिप ने अपनी ताकत लगा रखी है। पूरा मोर्चा नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा, पीपीसीसी प्रधान राजा वडिंग, पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी, राणा गुरजीत सिंह व नवजोत सिंह सिद्धू ने संभाल रखा है। राजा वडिंग का कहना है कि कांग्रेस सूबे में काफी मजबूत है और पार्टी एकजुटता से चुनाव लड़ रही है और हम चुनाव जीतने जा रहे हैं।
वहीं आम आदमी पार्टी भी इस बार अपने दिल्ली लीडरशिप के बिना चुनाव के लिए मैदान में है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल दूसरी बार पंजाब आ रहे हैं। जबकि बाकी दिल्ली की लीडरशिप को किनारे रखा गया है। हालांकि राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, दिल्ली के विधायक दुर्गेश पाठक के अलावा राज्यसभा सांसद राघव चड्डा भी नजर नहीं आ रहे हैं। पार्टी की सारी कमान का जिम्मा सीएम भगवंत मान व वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने संभाल रखा है। पार्टी ने अपने तमाम मंत्रियों को जालंधर में प्रचार के लिए लगा रखा है। जिसमें मंत्री अमन अरोड़ा, अनमोल गगन मान, स्पीकर कुलतार सिंह संधवा, हरभजन सिंह ईटीओ, गुरमीत सिंह मीत हेयर, कुलदीप सिंह धालीवाल,लालजीत भुल्लर ने पूरी ताकत गांवों में लगा रखी है। पार्टी के सारथी मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने संभाल रखी है।उनका कहना है कि आप एक नई पार्टी है, जो अपने काम पर वोट मांगती है। हमारी सरकार पंजाब में है और सरकार ने कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। बिजली के बिल माफ से लेकर करप्ट नेता अंदर डाले हैं। मोहल्ला क्लीनिको में 20 लाख लोग इलाज करवा चुके हैं। पंजाब में बिजली बोर्ड का कोई बकाया नहीं है। पंजाब में आप काफी मजबूत हो चुकी है और हम पूरे दमखम के साथ मैदान में हैं।