ढाई साल के मासूम की हत्या करने की दोषी को उम्रकैद
एडिशनल जिला व सेशन जज ने सुनाया फैसला
दोषी महिला को बच्चे की मां पर उसे चरित्रहीन कह कर बदनाम करने का शक था
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर। एडिशनल जिला एवं सेशन जज सचिन शर्मा की अदालत ने ढाई साल के मासूम बच्चे को जहर देकर हत्या करने की दोषी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार गोरा सिंह ने थाना लक्खोके बहराम पुलिस को दिए बयान में कहा था कि उसकी दो बेटियां और एक ढाई साल का बेटा वारस है। नौ सितंबर 2017 को उसकी दोनों बेटियां और बेटा वारस रिश्तेदार वीरपाल कौर के साथ गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने गया था। थोड़ी देर बाद वीरपाल कौर उसके पास आई और कहा कि गुरुद्वारा साहिब के बाहर से सुमित्रा रानी वासी गांवखेवा ने उससे जबरदस्ती वारस को छीन लिया और वारस को कोई जहरीली वस्तु खिला दी। गोरा मौके पर गया और वारस को लेकर अस्पताल गया, जहां डॉक्टरों ने वारस को मृत घोषित कर दिया। सुमित्रा को शक था कि गोरा की पत्नी पूजा उसे चरित्रहीन कह कर बदनाम करती है। इसी बात का बदला लेने के लिए सुमित्रा ने वारस को जहरीली वस्तु खिला दी थी।
थाना लक्खोके बहराम पुलिस ने दस सितंबर 2017 को सुमित्रा रानी के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया। मामले की दोनों पक्षों की तरफ बहस हुई, एडिशनल जिला एवं सेशन जज सचिन शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सुमित्रा रानी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।