कनाडा ने संगठित अपराध और गैंगवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य जशनदीप सिंह को भारत डिपोर्ट (निर्वासित) करने का आदेश दिया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के इमिग्रेशन डिवीजन ने यह आदेश उस मामले में दिया है, जिसमें जशनदीप पर मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैप्स कैफे पर हुई गोलीबारी के बाद इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने में मदद करने का आरोप है।
जशनदीप सिंह वर्ष 2022 में स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने ट्रिब्यूनल के समक्ष दलील दी कि हिंसक गैंग गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए कनाडा में कोई स्थान नहीं है। हालांकि जशनदीप सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। कपिल शर्मा ने जुलाई 2025 की शुरुआत में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में कैप्स कैफे शुरू किया था। इसके कुछ ही दिनों बाद यह कैफे लगातार दो बार गोलीबारी का निशाना बना।
10 जुलाई 2025 की आधी रात करीब दो बजे बजे कैफे के बाहर कम से कम 8 से 9 गोलियां चलाई गईं। उस समय कैफे के कर्मचारी अंदर मौजूद थे, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। कैफे की खिड़कियों और इमारत को नुकसान पहुंचा।
पहली घटना के एक महीने से भी कम समय बाद 7 अगस्त 2025 को सुबह करीब पौने पांच बजे फिर से कैप्स कैफे पर गोलियां चलाई गईं। कनाडाई और भारतीय जांच एजेंसियों की जांच में इस मामले के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने की बात सामने आई। बाद की जांच में हमलावरों और कथित मास्टरमाइंड की पहचान किए जाने तथा उनके बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा किया गया।
इसी मामले और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य गरिंदर देव उर्फ रॉकेट को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के आरोपपत्र के बाद उसके कनाडा प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जशनदीप सिंह के खिलाफ डिपोर्टेशन आदेश और फ्रांस में हुई गिरफ्तारी को कनाडा, अमेरिका और यूरोप की एजेंसियों द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय शिकंजे के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में गैंग पर हत्या, रंगदारी, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क संचालित करने के आरोपों की जांच कई देशों में तेज हुई है।