फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिंता की बात: कनाडा में सात लाख वर्क परमिट हो रहे खत्म, मियाद नहीं बढ़ा रही सरकार, लाखों होंगे डिपोर्ट

Tue, 03 Dec 2024 04:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

कनाडा के इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर मोंटू का कहना है कि अब ऐसे लोगों के पास तीन विकल्प हैं। या तो वह कनाडा छोड़कर चले गए और किसी अन्य देश में जाकर काम करें। दूसरा, उनका वर्क परमिट बढ़ जाए और तीसरा वह अवैध रूप से कनाडा में रहने लगे।
विज्ञापन
canada pm Justin trudeau - फोटो : ani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के विद्यार्थियों सहित उन सात लाख विदेशी विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में हैं जो कनाडा में लाखों रुपये खर्च कर पीआर व सिटीजन होने का सपना संजो रहे हैं। कनाडा में 2025 के अंत तक करीब 50 लाख अस्थायी परमिट समाप्त होने वाले हैं, जिनमें सात लाख भारतीय हैं और इसमें अधिकतर पंजाबी। कनाडा में अगर उनका वर्क परमिट की अवधि नहीं बढ़ी तो उनको देश छोड़ना होगा।
विज्ञापन


कनाडा इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया कि 50 लाख परमिट समाप्त होने वाले है। इसमें से 7 लाख परमिट विदेशी विद्यार्थियों के हैं। अस्थायी वर्क परमिट आमतौर पर 9 महीने से 3 साल की अवधि के लिए जारी किए जाते हैं। ये वर्क परमिट कनाडा में स्थायी निवास के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक अनुभव प्राप्त करने के लिए डिप्लोमा या डिग्री वाले विदेशी छात्रों को जारी किए जाते हैं।

इस साल अगस्त से पंजाब के छात्र विदेशी छात्रों के प्रति कनाडा की बदलती नीति के खिलाफ ब्रैम्पटन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकार रोजाना नियम सख्त कर रही है। 
विज्ञापन


कनाडाई आव्रजन विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई 2023 तक कनाडा में दस लाख से अधिक विदेशी छात्र थे। इनमें से 3,96,235 के पास 2023 के अंत तक पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट थे। कनाडा अब ये परमिट देने में बहुत सख्ती कर रहा है। वर्क परमिट की फाइलें दूतावास में लटकी हुयी हैं और उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

कनाडा के इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर मोंटू का कहना है कि अब ऐसे लोगों के पास तीन विकल्प हैं। या तो वह कनाडा छोड़कर चले गए और किसी अन्य देश में जाकर काम करें। दूसरा, उनका वर्क परमिट बढ़ जाए और तीसरा वह अवैध रूप से कनाडा में रहने लगे। एडमिंटन के रहने वाले परविंदर मोंटू का कहना है कि कनाडा सरकार जिस तरह से सख्त कदम उठा रही है, उससे यह महसूस हो रहा है कि ऐसे लोगों को देश छोड़ना पड़ेगा, जिनका वर्क परमिट समाप्त हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें