फरीदकोट। थाना बाजाखाना पुलिस ने मारपीट के मामले में नाबालिग लड़के को अवैध हिरासत में रखने की शिकायत पर फरीदकोट के जेएमआईसी कम प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश पर बोर्ड के सदस्य सरबजीत सिंह बराड़ ने थाना बाजाखाना में छापा मारा। हालांकि इस के दौरान लड़का थाने में नहीं मिला। वहीं पीड़ित परिवार का दावा है कि छापे की सूचना से पहले ही पुलिस लड़के को घर छोड़ आई।
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले थाना बाजाखाना के गांव रण सिंह वाला में मारपीट की घटना में कुछ नौजवानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें से एक लड़का नाबालिग था। केस दर्ज होने के बाद नाबालिग लड़के ने अग्रिम जमानत के लिए जिला अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में माना कि लड़का नाबालिग है।
इस पर जिला अदालत ने जमानत की जरूरत न होने का हवाला देकर लड़के की याचिका रद्द कर दी और पुलिस ने जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्यवाही करने की हिदायत दी, लेकिन पुलिस ने 29 अप्रैल को शाम के समय लड़के को घर से उठाया और थाने के लॉकअप में बंद कर दिया। अगले दिन लड़के की मां ने एडवोकेट मंगत अरोड़ा के माध्यम से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास अपने लड़के को अवैध हिरासत में रखने संबंधी आवेदन दिया, जिस पर बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट ने बोर्ड सदस्य सरबजीत सिंह बराड़ को छापे के आदेश दिए।