जश्नबीर सुसाइड केस में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरमीत टिवाना की अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों नवदीप सिंह, बलविंदर कुमार और जगजीत कौर को बरी कर दिया है।
मामला साल 2023 में सुल्तानपुर लोधी के थाना तलवंडी चौधरियां में दर्ज एफआईआर संख्या 52 का था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बचाव पक्ष ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 250 के तहत उन्हें मामले से बरी करने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई से आहत होकर जश्नबीर सिंह ढिल्लों ने आत्महत्या की।
हालांकि, अदालत ने पाया कि जश्नबीर सिंह का आरोपियों से सीधा संपर्क नहीं था। आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आरोपी की मंशा और सकारात्मक भूमिका आवश्यक है। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपों को सही मानने पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं बनता।
16 अगस्त, 2023 को मानवजीत सिंह ढिल्लों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई थी। इसके बाद उनके भाई जश्नबीर सिंह ने 17 अगस्त 2023 को दरिया ब्यास में छलांग लगा दी। बाद में दरिया ब्यास से एक शव बरामद हुआ। इसकी पहचान कपड़े और अन्य सामान के आधार पर जश्नबीर सिंह के रूप में की गई थी। डीएनए नमूने निर्णायक नहीं थे लेकिन एफएसएल रिपोर्ट में मौत का कारण डूबने से दम घुटना बताया गया।
आरोप था कि पुलिस कार्रवाई से आहत होकर जश्नबीर ने आत्महत्या की। शिकायततकर्ता के वकील ने बताया कि सुनवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम की हकीकत अदालत के समक्ष रखी गई। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस लेने के लिए भी अदालत में अर्जी दायर की हुई थी।