आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के जालंधर के 15 छात्रों ने जेईई मेन 2026 (सत्र 1) के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे क्षेत्र में अपने शैक्षणिक कार्यक्रम की निरंतर सफलता का प्रमाण दिया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा 16 फरवरी को जारी परिणामों के अनुसार, जालंधर क्षेत्र के आकाश संस्थान के 15 छात्रों ने जेईई मेन 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इशमित सिंह ने 99.97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, उसके बाद नमन नरूला ने 99.93 प्रतिशत और ईशान मित्तल ने भी 99.93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सिफत मोंगा ने 99.89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि शिव जिंदल ने 99.80 प्रतिशत अंक हासिल किए।
अर्नव गुप्ता ने 99.77 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और अर्श गुप्ता ने 99.72 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वंश आनंद ने 99.71 प्रतिशत अंक, भाविक जैन ने 99.6388361 प्रतिशत अंक और अनंतपाल सिंह सराओ ने 99.632 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
शुभमदीप सिंह ने 99.45 प्रतिशत, तक्ष राय चावला ने 99.21 प्रतिशत, जयेश महाजन ने 99.21 प्रतिशत, सूर्यांश शर्मा ने 99.07 प्रतिशत और एकमप्रीत कौर चावला ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो जेईई मेन 2026 में जालंधर क्षेत्र के मजबूत समग्र प्रदर्शन को दर्शाता है।
छात्रों की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के उप क्षेत्रीय निदेशक जसदीप सिंह बाबरा ने कहा, “जालंधर के हमारे छात्रों के असाधारण परिणाम शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और आकाश के शैक्षिक तंत्र की मजबूती का प्रमाण हैं। हमें उनकी मेहनत पर गर्व है और हम उनकी उपलब्धियों पर उन्हें बधाई देते हैं। हम उनके भविष्य के प्रयासों में निरंतर सफलता की कामना करते हैं।
कई छात्रों ने यह भी बताया कि आत्म-अनुशासन, निरंतर अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन ने इन छात्रों को सफलता प्राप्त करने में मदद की। सुनियोजित पाठ्यक्रम, योग्य प्रशिक्षक के मार्गदर्शन और नियमित रूप से नकली परीक्षा देने के अवसर के माध्यम से, उन्होंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा, अपनी कमजोरियों को जल्दी पहचाना और अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया।
इशमित सिंह और अर्नव गुप्ता ने बातचीत में कहा कि इसके लिए बहुत कुछ छोड़ना पड़ा। फैमिली फंक्शन, सोशल मीडिया और दोस्तों का साथ छूट गया। पढ़ाई के दौरान घर वालों ने भी सहयोग दिया और अध्यापकों के मार्गदर्शन से बेहतर प्रदर्शन कर पाए। पहले अटेंप्ट में चीजें आसान नहीं होती लेकिन जिस तरह की तैयारी की और बहुत कुछ दाव पर लगाया उसका फल मिला है। अगले एग्जाम की तैयारी भी इसी तरह चल रही है। हमारा लक्ष्य सिर्फ एग्जाम देना था परसेंटाइल कितनी लानी है यह कभी सोचा ही नहीं था।