संवाद न्यूज एजेंसी
कोटकपूरा। पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने फील्ड में लोक सुनवाई शुरू की है। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ पहुंचने में असमर्थ लोगों की समस्याएं सुनना है। रविवार को आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने कोटकपूरा में सुनवाई की।
यह सुनवाई बाबा फरीद नर्सिंग कॉलेज में हुई। इसमें फरीदकोट जिले से संबंधित करीब 45 शिकायतों पर विचार किया गया। संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। उन्हें आवश्यक निर्देश दिए गए। लंबित मामलों में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। शंटी ने कहा कि आयोग का उद्देश्य लोगों को न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है। अधिकांश शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष मामलों में संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है। शंटी ने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अस्पतालों और विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि मरीज की मौत के बाद बकाया बिलों के नाम पर शव रोकने वाले अस्पतालों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं। चंडीगढ़ के एक बड़े अस्पताल के निरीक्षण के बाद वेंटिलेटर और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हुईं। विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी और मानव तस्करी रोकने के लिए पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक की गई है। ऐसे मामलों में मुल्जिमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है।