जालंधर। पीपीसीसी प्रधान प्रताप बाजवा के खिलाफ जमीनी घोटाले में उठी गूंज के बाद डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने आखिरकार बोल ही दिया कि इस स्कैंडल की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी।
सुखबीर ने साफ कहा कि इस मामले में राजस्व विभाग पहले जांच करेगा, जिसके बाद अगले विभाग को जांच सौंपी जा सकती है।
डिप्टी सीएम शुक्रवार को जालंधर आए हुए थे। उन्होंने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा कि प्रताप बाजवा के खिलाफ विधानसभा में काफी जोरशोर से मामला उठा है। इसकी जांच की जरूरत तो कांग्रेसी भी महसूस कर रहे है। बाजवा जब पीडब्ल्यूडी मंत्री थे तो उन पर तारकोल घोटाला के आरोप लगे थे।
यह सच भी जनता के बीच आजतक नहीं आ पाया है, इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि अभी जमीन के मामले की जांच के आदेश राजस्व विभाग को दिए गए हैं। पहले उनकी रिपोर्ट आ जाए। फिर देखा जाएगा कि इसको विजिलेंस से जांच करवानी है या फिर किसी अन्य एजेंसी से।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में शिअद अपने चुनाव चिन्ह तकड़ी पर लड़ेगी या फिर भाजपा के चिन्ह कमल के फूल पर, इस पर सुखबीर ने कहा कि यह अभी फाइनल नहीं है और जल्द ही इसको फाइनल कर लिया जाएगा।