स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डॉ. अशोक नैयर ने शनिवार को स्थानीय सिविल अस्पताल का दौरा किया, तो अस्पताल में फैली अव्यवस्था की पोल खुल गई।
अस्पताल में गंदगी देख व मरीजों द्वारा दवाओं के संबंध में की गई शिकायत पर गुस्सा हो गए तथा उन्होंने सिविल सर्जन को इसके लिए जिम्मेदार स्टाफ व डाक्टरों पर कार्रवाई की हिदायत दी।
हेल्थ डायरेक्टर पंजाब अशोक नैयर शनिवार सुबह लगभग 10 बजे अचानक स्थानीय सिविल अस्पताल पहुंच गए। आते ही वह सीधे एमरजेंसी वार्ड में गए तथा वहां पर डाक्टरों व स्टाफ की हाजिरी चेक की।
इसके बाद वह ओपीडी में पहुंचे जहां उन्होंने ओपीडी में मरीजों व डाक्टरों से बातचीत की। बाद में वह जच्चा बच्चा वार्ड व आपरेशन थिएटर में गए तथा लोगों व डाक्टरों से बात की। इस दौरान वह अस्पताल व आपरेशन थिएटर की सफाई से खुश नहीं थे तथा उन्होंने अधिकारियों को सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा।
इसी दौरान अस्पताल के मरीजों की देखरेख में लगे लोग अपनी शिकायतें लेकर उनके पास पहुंच गए। उन्होंने सिविल सर्जन डा. धर्मपाल को तुरंत इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सभी दवाईयां व अन्य सामान अस्पताल से मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करवाया जाता है।
उन्होंने ने कहा कि मुफ्त उपलब्ध इन दवाओं की लिस्ट सभी अस्पतालों को आगे चिपकाई गईं है। यदि इन दवाईयों में से कोई डाक्टर दवाई बाहर से मंगवाएगा उस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने अस्पताल में लंबे समय से तैनात डाक्टरों की भी शिकायत करते हुए उन्हें बदलने की मांग की। उन्होंने सिविल सर्जन को यह भी आदेश दिए कि अस्पताल में सभी डाक्टरों के मोबाइल फोन की लिस्ट अस्पताल में लगाई जाए, ताकि लोग जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क कर सकें।