पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी सचिन रत्ती की ओर से डाली गई पीआईएल को स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने करीब 30 साल से पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव राजिंदर कलसी समेत बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, केंद्रीय और पंजाब के खेल मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जस्टिस एसके मित्तल और हरिंदर सिंह सिद्धू ने शनिवार सभी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 4 अप्रैल के लिए निर्धारित की है। बैडमिंटन एसोसिएशन आफ इंडिया ने खेल मंत्रालय की ओर से स्पोर्ट्स कोड 2010 में लागू कर लिया था।
इसके लागू होने के बाद कोई भी अधिकारी किसी ओहदे पर 8 साल से ज्यादा नहीं रह सकता, लेकिन राजिंदर कलसी ने यह जानकारी होने के बावजूद इसे पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन में लागू नहीं किया। वे बीते 30 सालों से लगातार सचिव के पद पर काबिज हैं।
सचिन रत्ती के वकील कंवलजोत सिंह ने कहा कि कलसी गलत तरीके से पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन पर कब्जा कर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास राजस्थान हाईकोर्ट के आर्डर हैं, जिसके तहत इससे कई अधिकारियों को कोर्ट के आदेश के बाद हटाया गया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि इस केस में सचिन रत्ती को न्याय जल्द मिलेगा।