आर्गनाइज क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) ने 2014 से संबंधित विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले में वीरवार को इन हथियारों को खरीदने वाले छह लोगों को नामजद कर चंडीगढ़ के विशाल गन हाउस के मालिक सतीश कुमार को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को ओकू की टीम ने सतीश कुमार के अलावा प्रोडक्शन वारंट के आधार पर मोगा के कारोबारी पंकज बंसल को फरीदकोट की अदालत में पेश किया जहां से अदालत ने दोनों को 25 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
जानकारी के अनुसार सीआईए स्टाफ फरीदकोट ने अक्तूबर 2014 में कुख्यात गैंगस्टर रणजीत सिंह डुपला व उसके एक साथी फरीदकोट निवासी गुरचरण सिंह रिंका को विदेशी हथियारों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने इन आरोपियों से हथियार खरीदने वाले व्यक्तियों से भी पूछताछ की थी और उनसे हथियार भी बरामद कर लिए थे लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। अब इस केस की जांच करते हुए ओकू टीम ने चंडीगढ़ के गन डीलर सतीश कुमार, करनाल के गन डीलर राज चोपड़ा, मोगा के कारोबारी पंकज बंसल, मुक्तसर के गांव सप्पावाली के भूपिंदर सिंह, दिल्ली के अमित गोयल और कोटकपूरा के रोहित छाबड़ा को नामजद करते हुए चंडीगढ़ के सतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। इन्हीं आरोपियों को शामिल पंकज बंसल पहले से ही बहिबल केस के चलते जेल में बंद था उसे शुक्रवार को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद इस केस में गिरफ्तार किया गया और दोनों को अदालत में पेश किया गया।
मालूम हो कि इस केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत मिलने के बाद अमेरिका फरार हो चुका है। उसे अदालत ने भगौड़ा करार दिया हुआ है। सूत्रों का दावा है कि ओकू की तरफ से इस केस में कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जिन्होंने उस समय केस से जुड़े आरोपियों को फायदा पहुंचाया था। यह भी बताया जा रहा है कि इस मामले में कांग्रेस व शिअद से संबंधित कुछ आला नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं जिन्होंने इन आरोपियों से विदेशी हथियार खरीदे थे।