संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद/फिरोजपुर। भाजपा के जिलाध्यक्ष सुखविंदर सिंह काका कंबोज के व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर जीएसटी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग और ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम ने रेड मारी। इस मौके पर आयुर्वेदिक दवाओं के सैंपल भी लिए गए।
जिलाध्यक्ष सुखविंदर सिंह काका कंबोज ने दावा किया कि उनके व्यावसायिक स्थल पर हुई यह कार्रवाई सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग व उन्हें सरकार की ओर से उन्हें निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग, सेहत विभाग व आयुष विभाग के अलावा ड्रग इंस्पेक्टर ने उनकी आयुर्वेद की दुकान पर दबिश देकर चेकिंग की। हालांकि, यह बात साफ नहीं हो पाई है कि किस जिले की उक्त टीमों ने काका कंबोज के प्रतिष्ठान पर जांच की है। क्योंकि फाजिल्का जीएसटी विभाग के इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने इस कार्रवाई में फाजिल्का विभाग के शामिल न होने की बात कही है। काका कंबोज ने बताया कि सुबह करीब 10.30 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम 6 बजे तक जारी रही। इसमें करीब 100 से अधिक पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे हैं। यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित है। मेरे व्यवसाय में कोई गड़बड़ी नहीं है, और मैं कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हूं।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई में आयुष विभाग द्वारा दुकान में मौजूद दवाईयों की कीमत करीब 64 हजार रुपये आंकी गई, जबकि उनकी अलमारियां व कपड़े खंगाले गए जिसमें सिर्फ 25 हजार रुपये की नकदी मिली जो विभाग ने उन्हें वापस कर दी गई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। शुक्रवार को मंडी अरनीवाला में मार्केट कमेटी सुपरवाईजर के साथ चेयरमैन की ओर से की गई मारपीट के मामले मे वह इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर पंजाब के गर्वनर गुलाब चंद कटारिया से मिले थे जिसे लेकर उन्होंने मांग पत्र भी गर्वनर के सौंपा था, जबकि विधायक के चहेते अंकुश मुटनेजा के भाई के विरोध में भाजपा प्रत्याशी को सरपंची चुनाव में समर्थन देने और जिताने के चलते उन्हें इस प्रकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उधर , इस बारे में हलका विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी से बात की तो उन्होंने काका कंबोज द्वारा राजनीतिक बदलाखोरी के तहत कार्रवाई के लगाए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया।
फोटो कैप्शन -जलालाबाद (फिरोजपुर) में भाजपा नेता के घर दबिश देती टीम।