अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कनाडा में वर्ल्ड कप के नाम पर पंजाब में युवाओं के साथ वीजा ठगी का बड़ा खेल सामने आया है। कई ट्रैवल एजेंटों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिये यह झूठा दावा किया कि कनाडा सरकार ने वर्ल्ड कप स्पेशल वीजा शुरू किया है जिससे न सिर्फ मैच देखने बल्कि वहां काम करने और सेटल होने का मौका मिलेगा। हकीकत यह है कि ऐसा कोई वीजा अस्तित्व में ही नहीं है।
बता दें कि कनाडा में टूरिस्ट वीजा पर इन दिनों सख्ती चल रही है और एजेंट उसका फायदा उठाने की फिराक में हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ एजेंटों ने युवाओं से लाखों रुपये वसूल कर फर्जी ऑफर लेटर और नकली दस्तावेज दिखाए हैं। कई मामलों में पीड़ितों को तब सच्चाई का पता चला जब उनके वीजा आवेदन रिजेक्ट हो गए। कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी ने साफ किया है कि फीफा या विश्व कप नाम की कोई वीजा श्रेणी नहीं है। वर्ल्ड कप देखने के लिए भी सामान्य टूरिस्ट वीजा ही लागू होता है, जबकि नौकरी के लिए अलग और सख्त कानूनी प्रक्रिया होती है। किसी भी एजेंट को वीजा की गारंटी देने का अधिकार नहीं है। वीजा एक्सपर्ट पूजा सिंह का कहना है कि गलत या फर्जी दस्तावेज देने पर पांच साल तक कनाडा में प्रवेश पर प्रतिबंध लग सकता है। इसके बावजूद कुछ एजेंट युवाओं के विदेश जाने के सपनों का फायदा उठाकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं। पंजाब में पहले से ही विदेश जाने की होड़ के बीच यह मामला गंभीर चेतावनी है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई हो और युवाओं को आधिकारिक स्रोतों से ही वीजा संबंधी जानकारी लेने के लिए जागरूक किया जाए।