नगर काउंसिल की हाउस की बैठक में गठबंधन के पार्षदों ने एजेंडे में शामिल सभी चार प्रस्ताव पारित कर दिए।
इसमें सबसे अहम पंजाब म्यूनिसिपल वाटर मीटर पॉलिसी के तहत बिजली बिल के साथ वाटर चार्ज वसूलने का कांग्रेसी पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया।
हाउस की बैठक की अध्यक्षता काउंसिल प्रधान अमृतपाल कौर वालिया और उपप्रधान हरदयाल सिंह झीता ने की।
काउंसिल में नेता विपक्ष, कांग्रेसी पार्षद और ब्लाक कांग्रेस शहरी प्रधान मनोज भसीन बॉबी ने इस पॉलिसी को जनविरोधी बताते हुए इसका विरोध किया।
भसीन का साथ कांग्रेसी पार्षद बलबीर सिंह बीरा, नरिंदर मनसू और सतनाम सिंह वालिया सहित सभी पार्षदों ने दिया।
गहमागहमी और कुछ तल्खी के बीच स्ट्रीट लाइट प्वाइंट की मेंटेनेंस के लिए 4.97 लाख, नेशनल पॉलिसी इन अर्बन स्ट्रीट वेंडर्स 2009 के तहत पंजाब सरकार के द स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 को लागू करने को प्रवानगी दी गई।
कुछ आइटमों पर गो सैस लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस दौरान कांग्रेसी पार्षदों ने शहर की बदहाल कूड़ा उठान प्रक्रिया, पेयजल समस्या, जाम सीवरेज व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों से गायब बल्ब और ट्यूबों की तरफ ध्यान आकृष्ट किया।
ईओ एसके अग्रवाल ने कहा है कि कूड़ा उठाने वाली जेआईटीएफ कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। उन पर और सख्ती की जाएगी।
बाकी समस्याओं पर ईओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।भसीन ने कहा कि अगर बिजली बिल के साथ वाटर चार्ज लागू हुए तो वह सड़कों पर उतरेंगे।
इस मौके पर अकाली-भाजपा पार्षद मनमोहन सिंह वालिया, जिया लाल नाहर, चेतन सूरी, गगन पासी, इंजी. छज्जा सिंह, सुखविंदर कौर साही, राजिंदर सिंह धंजल, धर्मपाल महाजन, सुखविंदर सिंह सुक्खा, रीना धीर, कविता अग्रवाल के अलावा कांग्रेसी पार्षदों में मनोज भसीन, नरिंदर मनसू, बलबीर सिंह बीरा, दविंदर सिंह, हंसपाल रंगा, कुलवंत कौर, वंदना अग्रवाल, सरबजीत कौर, बिमला देवी, हरनेक सिंह हरी और रणजीत कौर मौजूद रहीं।
हाउस की बैठक के बाद जिला कांग्रेस महासचिव सुरिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी पार्षदों ने ईओ एसके अग्रवाल के सामने चार माह से पार्षदों को वेतन न मिलने, चार वाटर पंपों संतपुरा, बाबा ज्ञान नाथ डेरा, जलौखाना चौक और पीर चौधरी में 20 दिन से मोटर खराब होने और कई सीवर मैनहोल से ढक्कन गायब होने का मुद्दा उठाया। कई रिटायर कर्मियों को सेवानिवृत्ति के लाभ भी नहीं मिले हैं।
खालसा ने कहा कि काउंसिल के पास मोटर ठीक करवाने और सीवरेज के ढक्कन रखवाने के लिए तो पैसे नहीं हैं और ऐतिहासिक बसंत मेला मनाने की तैयारी की जा रही है।
बिना पैसों के मेले का आयोजन कैसे होगा। ईओ एसके अग्रवाल ने कहा कि पार्षदों को वेतन देने की व्यवस्था की जा रही है। मोटरों को ठीक करवाने के लिए फंड जुटाए जा रहे हैं।