नाबालिग स्कूली छात्रा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने के मामले में बुधवार को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश नीलम अरोड़ा की अदालत ने 4 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 2 को आजीवन कारावास और दो अन्य को सात साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह निवासी उच्चापिंड जिला जालंधर व मंदीप सिंह निवासी चकराजू सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 75-75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
अदालत ने मामले के दो अन्य आरोपियों मनजिन्द्र सिंह निवासी गांव चकराजू सिंह व तरणजीत सिंह उर्फ तरना निवासी गांव कंदोला जिला जालंधर को भी दोषी करार देते हुए सात साल की कैद और 26 हजार रुपये (प्रत्येक) जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर ढाई माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
इस संबंध में 22 जून, 2018 को नौवीं कक्षा की छात्रा उक्त पीड़िता की ओर से की गई शिकायत के आधार पर बुल्लोवाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 376, 323, 365 व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि आरोपियों ने उसे शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर सहायपुर गांव के बाहर एक ट्यूबवैल पर ले जाकर दुष्कर्म किया और उसकी वीडियो बना ली।