-निरंजन सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखा पत्र,
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। छह हजार करोड़ के जगदीश सिंह भोला ड्रग रैकेट केस से जुड़े धन शोधन के मामले की जांच कर चुके प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने कहा है कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने सीएम मान को पत्र लिखकर कहा है कि आम आदमी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मामले के कुछ दोषियों और विचाराधीन कैदियों के साक्षात्कार साझा किए हैं। इसमें उनकी सुरक्षा हटाने की मांग की गई है।
निरंजन सिंह ने लिखा कि उनको ऐसा लगता है कि इन अपराधियों को मेरी सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके नापाक इरादे कामयाब न हों। निरंजन सिंह के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि उनको सुरक्षा दी जाए, क्योंकि जिन लोगों की जांच व पूछताछ की जानी थी, वह अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थे।
निरंजन सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच की। 71 अभियुक्तों के विरुद्ध सात आरोप पत्र दायर किए। अभियुक्तों की कई सौ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की और 2024 में 19 अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफल रहे। शेष 45 अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमे मोहाली की विशेष अदालत में लंबित हैं। निरंजन सिंह ने पत्र में आगे लिखा कि सोशल मीडिया पर यह बात सामने आई है कि निचली अदालतों की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी व धन शोधन के दोषी ठहराए गए कुछ लोग साक्षात्कार दे रहे हैं जिनमें वह सार्वजनिक रूप से मुझे दी गई सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं और सुरक्षा हटाने की मांग कर रहे हैं। यह साक्षात्कार आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जा रहे हैं। निरंजन सिंह का इशारा बिट्टू औलख की तरफ था। उन्होंने पत्र की एक प्रति पंजाब पुलिस के डीजीपी को भी भेजी है।