देश की दो फीसदी आबादी वाला पंजाब का अन्नदाता जहां आर्थिक तंगी से खुदकुशी करने पर मजबूत हो रहा है, वहीं कुदरत की मार भी लगातार पड़ रही है।
ग्लोबल वार्मिंग का असर सूबे की खेतीबाड़ी पर जबरदस्त हो रहा है, जहां बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान हो रहा है, वहीं अभी तक सूबे में कोहरा नहीं पड़ा है।
इसका सीधा नुकसान बिजाई की गई गेहूं की फसल की क्वालिटी पर पड़ने जा रहा है। किसान एक बार फिर से माथा पकड़कर बैठा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसा मौसम निरंतर रहा तो पंजाब में इस साल आने वाली गेहूं की पैदावार पर काफी बुरा असर होगा। गेहूं के दाने की उच्च क्वालिटी के लिए तापमान का काफी कम होना जरूरी होता है।
फसल को अगर ज्यादा सर्दी और कोहरा मिलता है तो उसके एक बीज से कई पौधे खिल उठते हैं। ज्यादा पौधे अंकुरित होने से गेहूं की पैदावार भी ज्यादा होती है।
अगर गेहूं की फसल के दौरान तापमान में बढ़ोतरी हो जाती है तो दाने बिना ग्रोथ हुए अंकुरित हो उठते हैं। इससे गेहूं की पैदावार में कमी आ जाती है।
पंजाब में इस साल 35 लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बिजाई की गई है। सूबे में अभी तक मौसम ने करवट नहीं ली है, दिन का तापमान 20 डिग्री तक रह रहा है।
अधिकतम 10 डिग्री और न्यूनतम तापमान एक डिग्री तक पहुंचे, तो इसका असर गेहूं की फसल पर होता है। अधिक ठंड और कोहरे से फसल की क्वालिटी तो बढ़िया होती है, पैदावार भी बढ़ जाती है।
नौग्गजा के किसान सतनाम सिंह के अनुसार उन्होंने 4 खेतों में गेहूं बीजा हुआ है। इस बार न तो बारिश सही ढंग से हो पा रही है और न ही सर्दी पड़ रही है।
कुछ दिन पहले से ऐसा लग रहा था कि जैसे इस बार सर्दी न पड़ने से गेहूं की पैदावार सही ढंग से नहीं हो पाएगी। कृषि अधिकारी बख्शीश सिंह चाहल का कहना है कि अभी मौसम ने करवट नहीं ली है, आने वाले समय में अगर बारिश और कोहरा हो जाता है तो अभी भी गेहूं की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है, अन्यथा नुकसान होगा।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार का कहना है कि गेहूं को तापमान अधिक मिलने से एरिंग (अंकुरित) में कमी आ जाती है। गेहूं का झाड़ (दाने की पैदावार) सही ढंग से नहीं हो पाता, जिससे किसानों को नुकसान होता है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। दरअसल कुछ पश्चिमी देशों में मौसम की गड़बड़ी से इस तरह की समस्याएं आ रही हैं। लेकिन अगर मौसम 10-15 दिन भी ठंडा और कोहरे युक्त हो जाता है तो फसल अच्छी होने की उम्मीद की जा सकती है।