फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रंप सरकार के फैसले का असर: पंजाब और हरियाणा के दो लाख युवा अमेरिका में अवैध, डोंकी लगाकर गए थे

Wed, 22 Jan 2025 12:48 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

अमेरिका अवैध रूप से पहुंचाने का धंधा तो लंबे समय से चल रहा है। माल्टा बोट त्रासदी जैसे घटनाएं भी घटी, पनामा बोट हादसा भी हुआ। यह सब अवैध एजेंटों का धंधा है, जिन्होंने मानव तस्करी में अरबों रुपये एकत्रित किए हैं। अब सरकार ने रिफ्यूजी एप बंद कर दिया है।
विज्ञापन
Donald Trump - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका में ट्रंप-2 की सरकार में पहली बड़ी घोषणा से पंजाब व हरियाणा के लाखों युवाओं पर सीधा अटैक हुआ है। पंजाब व हरियाणा के करीब दो लाख युवा अवैध रूप से बाॅर्डर पार कर अमेरिका में शरण के लिए इंतजार में हैं। 

विज्ञापन


ट्रंप ने ताजपोशी के बाद साफ कह दिया है कि इन अप्रवासियों को अमेरिका से खदेड़ा जाएगा और साथ ही 3100 किलोमीटर मैक्सिको-अमेरिका बाॅर्डर पर सेना तैनात करने की घोषणा की गई है। 

Trending Videos

सरकार ने शरणार्थी एप की बंद

अमेरिका से बसे पंजाबी एटार्नी जसप्रीत सिंह का कहना है कि अवैध रूप से अमेरिका में घुसे पंजाब व हरियाणा के युवाओं के लिए खतरे की घंटी है। उनका कहना है कि सरकार ने तो शरणार्थी एप भी बंद कर दिया है, जिसमें 30 हजार के आवेदन अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

23-24 के दाैरान सवा लाख युवा अवैध तरीके से घुसे थे

अमेरिका के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में अवैध रूप से अमेरिका में घुसने वालों की संख्या 8097 थी, जो 2022-23 में बढ़कर 96,917 हो गई है। 2023-24 में आंकड़ा सवा लाख के करीब पहुंच गया है। हरियाणा और पंजाब के इलाके से ज्यादा युवा अमेरिका जाने की कोशिश करते हैं। जालंधर के एक एजेंट ने तो मानव तस्करी में सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। 

ऐसे भेजे जाते हैं युवा

एजेंट युवाओं को पहले दुबई फिर अल्माटी कजाकिस्तान भेजते हैं। वहां से वे तुर्की, जहां उन्होंने पनामा सिटी और फिर सल्वाडोर और उत्तरी ग्वाटेमाला की तरफ से अमेरिका में एंट्री करवा देते हैं।

शाहकोट के एक युवक, जो डोंकी के लिए अमेरिका पहुंचा, का कहना था कि उससे कुल 45 लाख रुपये लिए गए। अमेरिका सीमा पार करते ही खुद वे लोग कस्टम और बॉर्डर अधिकारियों के हाथों पकड़ने का इंतजार करते हैं। कस्टम अधिकारी के आने पर वहां पहुंचे लोग खुद को देश में पीड़ित होने और खतरे में होने का दावा करते हैं और शरण की मांग करते हैं। अधिकारी पहले यह निर्धारित करते हैं कि व्यक्ति शारीरिक रूप से खतरे में है या नहीं। इसके बाद उन्हें पानी की बोतल दी जाती है।
विज्ञापन

शरण मांगने वाले को मिलता है सुनवाई का असर

अमेरिका के कानून के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति शरण का दावा करता है तो उसे अपना मामला रखने के लिए सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। कस्टम अधिकारी उनकी सुरक्षा की जांच करते हैं और प्रवासियों का साक्षात्कार लिया जाता है। जांच के बाद अधिकारी यह निर्णय लेता है कि उनके शरण आवेदन पर विचार करना है या नहीं। इसे होने में सालों लग सकते हैं। पंजाब के युवाओं ने खासकर सूबे में पुलिस अत्याचार के खिलाफ शरण ले रखी है। नामवर सरकार के अधिकृत एजेंट सुकांत का तर्क है कि अमेरिका अवैध रूप से पहुंचाने का धंधा तो लंबे समय से चल रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें