रोपड़ हेडवर्क्स के पास मिला औद्योगिक कचरा और प्लास्टिक बद्दी की एसएसएफ फर्म से जुड़ रहे तार, जांच शुरू
विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
रोपड़। पंजाब में सतलुज नदी को प्रदूषित करने के आरोप में हिमाचल प्रदेश की एक उद्योग के खिलाफ पहली आपराधिक कार्रवाई हुई है। रोपड़ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने बद्दी-नालागढ़ क्षेत्र की एसएसएफ नाम की फर्म से जुड़े कचरे की जांच शुरू की है। रोपड़ हेडवर्क्स के पास सतलुज में औद्योगिक कचरा, अवशेष और प्लास्टिक मिलने के बाद विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाए हैं।
रोपड़ सिटी थाने में एफआईआर नंबर 199 दर्ज की गई है। जांच के दौरान नदी किनारे मिले कचरे में एक थर्मोकोल बोर्ड बरामद हुआ, जिस पर एसएसएफ लिखा था। प्रारंभिक जांच में यह फर्म बद्दी, हिमाचल प्रदेश में स्थित होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बद्दी-नालागढ़ क्षेत्र के अज्ञात फैक्टरी मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता और जल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
विधायक ने उठाया था मामला
विधायक दिनेश चड्ढा ने रोपड़ हेडवर्क्स के पास औद्योगिक कचरा और प्लास्टिक जमा होने का मामला उठाया था। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने कचरे के नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कचरा कहां से आया और संबंधित उद्योग की इसमें क्या भूमिका है।
बरसाती नदियों के जरिये सतलुज में पहुंचने का आरोप
चड्ढा ने आरोप लगाया कि रोपड़ के आगे पंजाब में कोई बड़ा औद्योगिक क्षेत्र नहीं है, जबकि हिमाचल के बद्दी क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग हैं। उनका आरोप है कि मानसून के दौरान कुछ उद्योगों से निकलने वाला रासायनिक कचरा बरसाती नदियों में पहुंचता है और सिरसा समेत अन्य बरसाती नदियों के जरिये सतलुज तक पहुंच जाता है।
नोटिस नहीं, आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी
विधायक ने कहा कि पंजाब के पानी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने सतलुज को औद्योगिक कचरे और रासायनिक पदार्थों का डंपिंग ग्राउंड बनने से रोकने की जरूरत बताई। साथ ही हिमाचल सरकार से बद्दी क्षेत्र के उद्योगों पर सख्ती करने की मांग की।