संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। फसलों की सिंचाई के लिए प्रमुख संसाधन लक्ष्मण नहर में बीते कल आए कटाव से किसानों की रोपाई की गई धान की फसल बुरी तरह से प्रभावित हो गई। प्रभावित किसानों ने बताया कि लक्ष्मण नहर से पानी छोड़े जाने के तुरंत बाद कटाव हो गया। इसके परिणामस्वरूप कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा है। किसानों ने नहर में कटाव के लिए ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
हालांकि विभाग ने नहर में पानी बंद कर दिया है। इसके बाद जेसीबी की सहायता से नहर की मरम्मत का काम चालू कर दिया है। किसानों ने बताया कि नहरी विभाग द्वारा छोड़ा गया पानी तेज गति से बहता हुआ खेतों में घुस गया। कई एकड़ में रोपाई की गई धान की फसल पानी में डूब गईं। उनका कहना है कि नहर की मरम्मत में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। किसानों का आरोप हैं कि ठेकेदार ने नहर के निर्माण और मरम्मत में घटिया क्वालिटी की सामग्री का इस्तेमाल किया है। किसानों ने बताया कि इस नहर की सफाई और मरम्मत का कार्य महज कुछ महीने पहले ही पूरा हुआ था। ऐसे में इतनी जल्दी कटाव होना उन्हें निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। किसानों का मानना है कि सिंचाई विभाग ने ठेकेदार के काम की उचित निगरानी नहीं की। किसानों ने पंजाब सरकार से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। नहरी विभाग के वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता बलविंदर कंबोज से बात करनी चाही तो कई बार फोन लगाने के बाद उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नही समझा। नहरी विभाग के एक्सईएन विनोद कुमार से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने कि नहर में अचानक पानी छोड़े जाने के कारण कटाव आ गया है और इस बारे में एक्सईएन ही विस्तार से बता पाएंगे।