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जालंधर में किसानों का एलान: शुगर मिल न खोलीं तो विधायकों की कोठी के बाहर खड़ी कर देंगे गन्ने से भरी ट्रालियां

Wed, 09 Nov 2022 06:42 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

किसानों ने कहा कि ‘सरकारें जरूर बदलती हैं पर किसानों की समस्याएं वही हैं’। कहा कि अभी तक गन्ने का बकाया भी नहीं मिला है। चेतावनी देते हुए किसानों ने सरकार से दस नवंबर तक मिल खोलने का आह्वान किया है। 
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संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी संघर्ष की रूपरेखा का ऐलान करते - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने बुधवार को जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 10 नबंवर तक शुगर मिलें खोलने का एलान नहीं किया तो 11 नवंबर को गन्ने से भरी ट्रालियां विधायकों की कोठी के बाहर खड़ी होंगी।

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किसान पिछले लंबे समय से किसान गन्ने की बकाया राशि के लिए भी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं सिर्फ सरकारें बदलती हैं किसानों की समस्याएं नहीं। गन्ने का बकाया तो पहले ही नहीं मिला, इस बार नई सरकार आने के बाद शुगर मिल भी बंद कर दी गई है जबकि किसानों की गन्ने की फसल तैयार है।

संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश प्रधान जंगवीर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ संयुक्त किसान मोर्चा की 31 प्रतिनिधियों की बैठक 6 अक्तूबर को हुई थी जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि 5 नवंबर तक सभी शुगर मिल चला दी जाएंगी, लेकिन 9 नवंबर तक किसी भी सरकारी या प्राइवेट मिलों की ओर से कोई भी तारीख का एलान नहीं किया गया।
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किसानों ने कहा कि हमें यह भी पता चला है कि प्राइवेट मिलों के मालिकों से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई है कि सरकार की ओर से 50 रुपये सब्सिडी देने का भरोसा दिया था लेकिन उनको अभी तक कोई भी सब्सिडी नहीं मिली।

इस कारण वह अभी तारीख का एलान नहीं कर रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि शुगर मिलों को चलाने के लिए लेबर को दूसरे राज्यों से लाना पड़ती है जिसके चलते इसकी तारीख एक माह पहले ही बता दी जाएगी। लेकिन अभी तक इसकी घोषणा न होने के चलते किसानों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है।

किसानों कहा कि सरकारी व प्राइवेट मिलों की तरफ से गन्ने की राशि 14 दिनों के भीतर किसानों के खातों में अदायगी की जाती है लेकिन वह भी नहीं हुआ जिस कारण धरने देने पड़ते हैं। किसानों ने लावारिस पशुओं का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब भी किसान फसल बीजता है तब लावारिस पशु उसमें आ जाते हैं जिससे फसल को काफी नुकसान पहुंचता है।

किसानों ने कहा कि अगर 10 नवंबर तक सरकार मिलों को खोलने की तारीख की घोषणा नहीं करती तो 11 नवंबर दिन शुक्रवार को सुबह 11 बजे टांडा के विधायक जसवीर सिंह राजा और दसूहा के विधायक कर्मवीर सिंह घुम्मन के घर के बाहर गन्नों से भरी ट्राली लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।

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