फिरोजपुर रेल पटरी पर धरने पर बैठे किसान राष्ट्रपति व गवर्नर के पुतले फूंकते हुए।
- फोटो : FIROZPUR
फिरोजपुर में किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में शनिवार को रेल पटरी पर लगाए पक्के धरने के दौरान राष्ट्रपति और राज्यपाल के पुतले फूंके और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि अकाली दल और कांग्रेस रोड शो कर किसानों के आंदोलन को प्रभावित करने पर तुली है। किसान अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक कृषि कानून को रद्द नहीं किया जाता।
किसान जत्थेबंदी के नेता सतनाम सिंह पन्नू, सरवन सिंह पंधेर और इंद्रजीत सिंह ने कहा कि छह अक्तूबर को हरियाणा में किसानों की बहुत बड़ी रैली होने जा रही है, पंजाब के सभी किसान इस रैली का समर्थन करते हैं। सरवन सिंह ने कहा कि चौटाला परिवार को भाजपा से गठबंधन तोड़ना चाहिए। किसानों की आवाज को कथा वाचक और रागी जत्थे भी उठा रहे हैं। पंजाब के गायकों ने भी किसानों के समर्थन में प्रचार करना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने सांसद हंसराज हंस और सांसद सनी देओल से मांग की है कि वे सांसद पद से इस्तीफा दें। पंजाब की जनता हंस और देओल का बहुत सम्मान करती है। किसान नेता पन्नू ने कहा कि किसानों का आंदोलन दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आज राष्ट्रपति और राज्यपाल के पुतले फूंक रोष मुजाहिरा किया है। पूरे पंजाब में 31 किसान जत्थेबंदियां रिलायंस के पेट्रोल पंप, टोल प्लाजा और कारपोरेट कंपनी के आफिस के बाहर धरने पर बैठी हैं। कई किसान जत्थेबंदियां रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर पक्के तौर पर धरने पर बैठी हुई हैं। रेल रोको आंदोलन उनका तब तक जारी रहेगा जब तक कृषि कानून रद्द नहीं किया जाता है।