बेटी को बचाने के लिए ईसाई बना परिवार, बेटी नहीं बच पाई। हिंदू संगठनों ने ब्राह्मण परिवार की वापसी ?
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मुंबई में रहने वाली बेटी को कैंसर हो गया तो इलाज के लिए ईसाई धर्म अपना लिया और परिवार ब्राह्मण से ईसाई बन गया, लेकिन बेटी की जान फिर भी नहीं बच पाई। शनिवार को हिंदू संगठनों ने हिंदू धर्म में उनकी वापसी एक मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ करवाई। श्री कृष्ण मुरारी मंदिर गोपाल नगर में ब्राह्मण परिवार को जनेऊ पहनवाने के साथ-साथ रुद्राक्ष की माला से लेकर तमाम रस्में पूरी की गईं। इस परिवार की धर्म वापसी के लिए हिंद क्रांति दल ने भूमिका अदा की।
लड़की के भाई शुभम ने बताया कि मुंबई के टाटा अस्पताल में उपचार करवा रही उनकी बहन नंदिनी को एक महिला ने गुमराह कर जालंधर के चर्च में प्रार्थना के जरिये बीमारी दूर करने का दावा किया और जालंधर भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्च के संचालकों ने पहले 5000 तथा बाद में 40000 रुपये लिए। इस तरह धीरे-धीरे कुल एक लाख रुपये इलाज के नाम पर लिए गए। ब्राह्मण से ईसाई बनने के बाद उपचार के नाम पर और रुपये मांगे गए। इसके साथ ही ब्राह्मण परिवार की चोटी कटवा कर तथा रुद्राक्ष की माला वापस ले ली। चर्च के पादरी ने वीडियो कॉलिंग के साथ उनके साथ संपर्क रखा। नंदनी की मौत हो गई, लेकिन मौत के बाद भी परिवार से पैसे मांगे जाते रहे। परिवार वालों ने पैसे देने से मना कर दिया तो उन्हें चर्च से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद हिंद क्रांति दल से संपर्क किया गया। हिंद क्रांति दल के मनोज नन्हा ने नंदिनी के संस्कार से लेकर तमाम रस्में पूरी कीं। वहीं शनिवार को पूरे परिवार की विधिवत हिंदू धर्म में वापसी करवाई गई। मंदिर में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ करवाया गया। इस अवसर पर हिंद क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज नन्हा, कुणाल कोहली, हिंदू नेता आशीष अरोड़ा व संजीव शर्मा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।