पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी जगजीत सिंह का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन
हो गया। वे दलित राजनीति का केंद्र बिंदु रह चुके हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह
के करीबियों में शामिल चौधरी जगजीत सिंह की मौत की खबर से कांग्रेसी खेमे
में शोक की लहर दौड़ गई। 82 साल के चौधरी जगजीत सिंह को मंगलवार सुबह करीब
पांच बजे अटैक पड़ा। इसके बाद उनको न्यू रूबी अस्पताल ले जाया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक उनको सीवियर हार्ट अटैक आया था। मंगलवार सुबह करीब
5:40 पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके दो बेटों में एक चौधरी सुरिंदर
सिंह जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन हैं, जबकि दूसरे विदेश में रहते हैं। 9
अगस्त को चौधरी की पोती की शादी थी। पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक काफी
रिश्तेदार विदेशों में बसे हुए हैं। उनके आने पर ही आठ अगस्त को चौधरी
जगजीत सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। चौैधरी जगजीत सिंह अमृतसर-दिल्ली
नेशनल हाईवे स्थित जनता मेमोरियल कॉलेज के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा
वे श्री गुरु रविदास ट्रस्ट के चेयरमैन और पांच बार विधानसभा चुनाव जीत
चुके हैं। वह जालंधर से सांसद चौधरी संतोख सिंह के बड़े भाई और पंजाब युकां
के प्रधान विक्रमजीत सिंह चौधरी के ताया हैं। उनके निधन पर पूर्व सीएम
कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मंत्री अवतार हेनरी समेत कई नेताओं ने दुख
जाहिर किया है।