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ED Raids: मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन-ड्रग्स, लगातार कार्रवाई से बढ़ा दबाव; घेरे में सत्ता से विपक्ष तक कई बड़े चेहरे

Sun, 10 May 2026 01:39 PM IST
Sharukh Khan सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर

सार

पंजाब में ईडी का शिकंजा कसता गया और सत्ता से विपक्ष तक कई बड़े चेहरे घेरे में आते गए। मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन और ड्रग्स के मामलों में लगातार कार्रवाई से राजनीतिक दबाव बढ़ता गया। आप, कांग्रेस और अकाली दल के नेता जांच के दायरे में हैं।
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संजीव अरोड़ा पर ईडी का एक्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। मई 2026 तक लगभग हर बड़े राजनीतिक दल का कोई न कोई प्रभावशाली चेहरा ईडी की जांच, छापेमारी, गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई का सामना कर रहा है।
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सबसे चर्चित मामला पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ा है। ईडी ने फर्जी जीएसटी बिलिंग, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले में चंडीगढ़ और लुधियाना स्थित ठिकानों पर छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। 

जांच एजेंसियों का दावा है कि फर्जी कंपनियों और शेल फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की लेयरिंग और राउंड ट्रिपिंग की गई। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद रहे और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल भी जांच के दायरे में हैं। 
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उन पर फेमा उल्लंघन और विदेशी लेनदेन से जुड़े मामलों में जांच चल रही है। वहीं मंत्री अमन अरोड़ा के करीबी गौरव धीर के यहां 170 करोड़ रुपये के कथित जमीन घोटाले में छापेमारी हुई। इसके बाद राजनीतिक हलकों में अमन अरोड़ा का नाम भी चर्चा में आ गया। 
 

मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह के यहां रियल एस्टेट और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कार्रवाई हो चुकी है जबकि अमरगढ़ से विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा को बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े ओएसडी के करीबी नितिन गोहिल पर हुई छापेमारी ने भी सरकार की मुश्किलें बढ़ाई हैं।

पूर्व सरकारों के मंत्री भी रहे हैं रडार पर
कांग्रेस के कई बड़े नेता पहले से जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। विधायक सुखपाल सिंह खैहरा पर ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है और मार्च 2025 में उनकी चंडीगढ़ स्थित कोठी कुर्क की गई थी। 

 

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अवैध रेत खनन और मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कई बार पूछताछ झेल चुके हैं। पूर्व मंत्री भरत भूषण आशु पर अनाज परिवहन घोटाले में अवैध धन को शेल कंपनियों और संपत्तियों में लगाने के आरोप लगे थे। 
 

पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और संगत सिंह गिलजियां भी वन विभाग से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। वहीं पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा मोहाली प्लॉट और रिश्वत मामले में लगातार जांच के घेरे में हैं।

 

अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर भोला ड्रग्स केस से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच जारी है। इसके अलावा कुछ अन्य अकाली नेता भी एजेंसियों की जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।
 

कुछ अधिकारी भी जांच एजेंसियों के निशाने पर
राजनीतिक नेताओं के साथ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े अधिकारी भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए। 
 

ईडी की बढ़ती सक्रियता ने पंजाब की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अकाली दल तीनों ही केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं। 

 

वहीं सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और नेताओं पर शिकंजा कस सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ईडी की कार्रवाई अब पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुकी है।

ईडी के छापे के दौरान कोठी बनी हाई सिक्योरिटी जोन
चंडीगढ़। पंजाब के बिजली एवं उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के सेक्टर-2 के सरकारी आवास पर शनिवार सुबह शुरू हुई ईडी की दबिश के दौरान पूरा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील हो गया। 

 

सुबह करीब आठ बजे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ नंबर की टैक्सी गाड़ियों में पहुंची ईडी टीमों ने सरकारी कोठी नंबर-43 में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कोठी के बाहर आठ से दस गाड़ियां खड़ी रहीं और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
 

ईडी की कार्रवाई के चलते मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई। बैरिकेडिंग पर आम दिनों की तुलना में अधिक पुलिस बल मौजूद रहा। इस दौरान वहां से गुजरने वाले नेताओं, अधिकारियों और अन्य लोगों के वाहनों को रोककर पूछताछ भी की गई।

 

छापे की सूचना मिलते ही पंजाब के आम आदमी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी हलचल तेज हो गई। हालांकि सुरक्षा कारणों से किसी को भी कोठी के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान मंत्री के स्टाफ, कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई थी। 

 
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कोठी में मौजूद सभी लोगों को अंदर ही रहने के लिए कहा गया। ईडी अधिकारियों ने परिवार और स्टाफ से भी पूछताछ की। पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान चंडीगढ़ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी लगातार मौके पर मुस्तैद रहे।
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