क्या होता है डंकी रूट
ट्रैवल एजेंट भारतीयों को दिल्ली से सर्बिया के लिए सीधी उड़ान भरते थे और बेलग्रेड में उतरते थे। इसके बाद उन्हें हंगरी और हंगरी से ऑस्ट्रिया ले जाते थे। ऑस्ट्रिया की सीमा इटली, स्विट्जरलैंड और जर्मनी के साथ लगती है। भारतीय अवैध तौर पर वहां पहुंच जाते थे और इसी यात्रा को डंकी रूट कहा जाता है। यहां से मैक्सिको की सीमा क्रॉस कर अमेरिका में दाखिल किया जाता है।
दूसरा रास्ता सर्बिया से निकलता है। अवैध यात्रा को देखते हुए ही सर्बिया ने एक जनवरी 2023 से भारतीयों के लिए वीजा मुक्त यात्रा बंद कर दी। पिछले साल दिसंबर तक भारतीय बिना वीजा के सर्बिया जा सकते थे और वहां 30 दिन तक रह सकते थे। सर्बिया के रास्ते भारतीय अवैध तौर पर यूरोपीय देश में चले जाते थे। डंकी रूट के जरिए भारत से अमेरिका तक पहुंचाने का सारा काम अवैध और गैरकानूनी होता है। इस तरीके से अमेरिका पहुंचने में दिन नहीं, बल्कि कई हफ्ते या महीने लग जाते हैं। ऐसे तरीके से अमेरिका पहुंचाने में मदद करने वाले तस्कर भी मोटी रकम वसूलते हैं। इसमें एक तरह से पूरा कार्टल या नेटवर्क काम करता है।
इसमें लोग भारत से अमेरिका सीधे नहीं पहुंचते हैं। बल्कि, कई देशों से होते हुए पहुंचते हैं।पहले मिडिल ईस्ट या यूरोप के किसी देश में ले जाया जाता है। फिर यहां से अगला पड़ाव अफ्रीका या साउथ अमेरिका होता है। उसके बाद यहां से साउथ मेक्सिको। फिर साउथ मेक्सिको से नॉर्थ मेक्सिको। और आखिर में मेक्सिको बॉर्डर से अमेरिका तक। इसके लिए पूरा खर्च 50 लाख रुपये लिया जाता है। एक आंकड़े के मुताबिक 2023 से जुलाई 2024 तक 17 हजार 774 भारतीय अमेरिका सीमा में क्रॉस करते धरे गए हैं।