नरोट जैमल सिंह से सूरज प्रकाश
पठानकोट के बमियाल और नरोट जैमल सिंह क्षेत्र में हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं। नरोट जैमल सिंह में धुस्सी बांध टूटने से घर-दुकान और फसल सब डूब गया है। लोगों का रोजगार छिन गया है। नरोट जैमल सिंह के गांव अखवाड़ा के 50 वर्षीय गुरमुख सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बाढ़ नहीं देखी। पहले पानी निकल जाता था लेकिन बांध टूटने के बापपूरा इलाका डूब गया है। हमारा कुछ भी नहीं बचा है।
रावी, उज्ज और जलालियां के पानी ने बहुत कहर बरपाया है। इस बीच वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी इलाके का दौरा किया। उन्होंने कहसा कि रावी के किनारे कथलौर पुल से लेकर नरोट जैमल सिंह तक लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पक्का धुस्सी बांध बनाया जाएगा। इसके लिए फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्री पंजाब ने रावी में पानी के स्तर का जायजा लिया और कथलौर पुल के पास बन रहे बांध का निरीक्षण भी किया।
मंत्री लाल चंद कटारूचक ने विधानसभा क्षेत्र भोआ में बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों और रावी से हो रहे भूमि कटाव के बारे में जानकारी दी। चीमा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हुई तेज बारिश के चलते पानी का स्तर बढ़ गया है। भोआ में भी बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। इस समय पंजाब संकट की घड़ी से गुजर रहा है लेकिन केंद्र सरकार सोई हुई है। देश के प्रधानमंत्री से लेकर देश के कैबिनेट मंत्री तक सब चुप हैं।
लोगों पर पड़ रही दोहरी मार
कुछ समय पहले पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसे हालात के समय भी इस क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था और अब बाढ़ ने क्षेत्र को दोहरी मार दी है। मंत्री चीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत पंजाब के लिए विशेष पैकेज जारी करना चाहिए।
फोटो: 05 मंत्री हरपाल सिंह चीमा पठानकोट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए।