कपूरथला सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत पैंथे पर हमले के
मामले में एक बार फिर नए सिरे से जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने हाल ही में
दावा किया था कि पैंथे पर हमला वाहन लूटने के लिए किया गया था। वहीं अब जोे
नए इनपुट मिल रहे हैं, उससे लग रहा है कि इस हमले में ड्रग माफिया का हाथ
हो सकता है। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि हमला बठिंडा और पटियाला जेल से
सुपारी देकर करवाया गया है।
नई सूचनाएं मिलने से आला अधिकारी फिर मामले
की नए सिरे से जांच में लग गए हैं। पटियाला और बठिंडा जेल में बंद कुछ
शातिर ड्रग तस्करों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। आने वाले दिनों
में पुलिस कुछ शातिर अपराधियों को बठिंडा और पटियाला जेल से जालंधर लाकर
पूछताछ कर सकती है।
पैंथे पर हमले में रोजाना नई सूचनाएं रही हैं।
पैंथे पर जब हमला हुआ तो पहली जांच में यह सामने आया कि हमला रिंका और लाली
ब्रदर्स ने करवाया है। पुलिस ने तीनों को जेल से लाकर पूछताछ की, लेकिन
कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस को इनपुट मिले कि हमले में तलविंदर
टैल्ली और उसके साथियों का हाथ हो सकता है। फिर पुलिस चारों अपराधियों को
कपूरथला से लेकर आई, अभी पूछताछ शुरू हुई थी कि पुलिस की मुठभेड़ सुक्खा
भाऊ, सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह से हो गई।
जांच में सामने आया कि
हमला सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह ने खुद किया है। हमले में किसी
मास्टर माइंड का हाथ होने की बात कही जा रही थी, लेकिन तीन दिन बाद जांच
अधिकारी एसीपी क्राइम हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि यह महज एक इत्तेफाक था
कि सुक्खी विधीपुरिया व फतेह नेे हमला सिर्फ पैंथे की गाड़ी लूटने को किया
था। दोनों हमलावरों को नहीं पता था कि इनोवा में पैंथे सवार हैं। अभी मामला
लूट का ही चल रहा था कि इस बीच नया मोड़ आ गया है।
अब पुलिस को ऐसे
कुछ पुख्ता सबूत हाथ लग रहे हैं, जिसमें सामने आ रहा है कि हमला ड्रग
माफिया ने करवाया है। साथ ही सूचना मिल रही है कि पटियाला और बठिंडा जेल के
कुछ शातिर तस्करों व गैंगस्टर ने ही इस काम को अंजाम देने का ठेका सुक्खी
विधीपुरिया और फतेह सिंह को दिया था। आला अधिकारी अभी इस मामले में कुछ
खुलकर नहीं बोल रहे हैं। वहीं सूत्रों के मुताबिक पुलिस की जांच का दायरा
बढ़ता जा रहा है। यह पटियाला और बठिंडा जेल तक पहुंच चुका है।
डीएसपी
जेल विक्रमजीत पैंथे ने कपूरथला जेल में नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान
छेड़ रखा था। बीते एक साल में पैंथे ने करीब 100 आपराधिक केस दर्ज करवाए
थे। इसमें अधिकतर जेलों में ड्रग के केस थे। जेल के भीतर मार्केट रेट से 20
फीसदी अधिक दाम में ड्रग्स बिक रही है। यही वजह है कि स्थानीय जेल प्रशासन
ने बैरकों से ड्रग को पकड़ने के लिए बाकायदा आठ स्निफर डॉग्स को भी ट्रेंड
किया है।