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पंजाब विधानसभा चुनाव: टिकट के लिए रिश्तों में दरार, कहीं भाइयों में फूट, कहीं पिता-पुत्र में कलह

Mon, 20 Dec 2021 03:29 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

बटाला में विधानसभा सीट को लेकर दो भाइयों अश्वनी सेखड़ी और इंद्र सेखड़ी में जबरदस्त तनाव चल रहा है। अश्वनी सेखड़ी पूर्व विधायक हैं। उनको टिकट दिए जाने का घर के भीतर से ही विरोध शुरू हो गया है।
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पंजाब विधानसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। जहां राजनीतिक पार्टियों में तलखी बढ़ती जा रही है वहीं टिकट को लेकर राजनीतिक परिवारों के भीतर भी जंग छिड़ने लगी है। परिवारों में खटास बढ़ने लगी है। हालात यह है कि पिता पुत्र में भी चुनावों में ठन गई है।

बाजवा परिवार में फिर ठनी...

कादियां विधानसभा हलके से मौजूदा समय में फतेहजंग सिंह बाजवा विधायक हैं। इस सीट पर अब उनके भाई राज्यसभा सदस्य और पंजाब के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह बाजवा मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। प्रताप बाजवा ने अपनी रैलियां करनी शुरू कर दी हैं। प्रताप बाजवा का दावा है कि उनको हाईकमान ने हरी झंडी दे दी है। कादियां में प्रताप और फतेहजंग की यह जंग नई नहीं है। 2012 तक यहां से प्रताप बाजवा ही चुनाव लड़ते रहे हैं। उनकी पत्नी चरणजीत कौर बाजवा 2012 में यहां से विधायक रहीं। हालांकि उसके बाद 2017 में कांग्रेस ने प्रताप बाजवा के भाई फतेहजंग को यह सीट दे दी गई थी। वह चुनाव जीत भी गए। प्रताप के अब फिर से इस सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा से दोनों भाईयों के बीच ठन गई है।

अश्वनी सेखड़ी व उसके भाई इंद्र सेखड़ी में तनाव...

बटाला में विधानसभा सीट को लेकर दो भाइयों अश्वनी सेखड़ी और इंद्र सेखड़ी में जबरदस्त तनाव चल रहा है। अश्वनी सेखड़ी पूर्व विधायक हैं। उनको टिकट दिए जाने का घर के भीतर से ही विरोध शुरू हो गया है। पिछले विधानसभा चुनावों में अश्वनी सेखड़ी के भाई इंद्र सेखड़ी ने जमकर विरोध किया था और 2019 के लोकसभा चुनाव में इंद्र सेखड़ी को अकाली दल ने अपने साथ मिला लिया। बटाला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब भी इंद्र सेखड़ी का समर्थन कर रहे हैं। बटाला में अश्वनी व इंद्र सेखड़ी के बीच जंग शिखर पर है।

लाली ब्रदर्स की जंग

सुक्खा लाली और कंवलजीत लाली आदमपुर के हैं। किसी से छिपा नहीं है कि कैप्टन की कंवलजीत सिंह लाली के साथ नहीं बनती, इसलिए कैप्टन ने सुक्खा लाली को हीरो बनाकर रखा। कमलजीत सिंह लाली पूर्व विधायक हैं जबकि सुक्खा लाली जिला कांग्रेस कमेटी देहाती के पूर्व प्रधान। दोनों ही कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार हैं।

भुल्लर पिता पुत्र में जंग..

गुरचेत भुल्लर और उसके बेटे सुखपाल सिंह भुल्लर के बीच भी जंग की जिम्मेदार सत्ता ही है। गुरचेत भुल्लर पूर्व मंत्री है और उनकी टिकट पिछली बार काटकर उनके बेटे सुखपाल भुल्लर को दी गई थी। तब भी टिकट के लिए जंग हुई थी और अब फिर से टिकट के लिए पिता पुत्र में ठन गई है।

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