संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर आंचलिक कार्यालय ने पीएमएलए, 2002 के तहत अवैध अप्रवासन से जुड़े डंकी रूट केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब, हरियाणा और नई दिल्ली में 13 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था।
धन शोधन की जांच के सिलसिले में की गई इस कार्रवाई के दौरान ईडी को भारी मात्रा में संदिग्ध संपत्तियां और अहम सबूत मिले। तलाशी के दौरान 4.68 करोड़ रुपये नकद, करीब 8.07 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की छड़ें (5.9 किलो), 2.7 लाख रुपये मूल्य के सोने के सिक्के (20 ग्राम) और लगभग 6.42 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी की छड़ें (313 किलो) बरामद कर जब्त की गईं। इसके अलावा कई डिजीटल डिवाइस और अपराध से जुड़े रिकॉर्ड/दस्तावेज भी मिले हैं। यह कार्रवाई 18 और 19 दिसंबर 2025 को की गई थी।
ईडी को कार्रवाई के दौरान विभिन्न परिसरों से 50 से अधिक तीसरे पक्ष के मूल पासपोर्ट भी बरामद हुए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। एजेंसी द्वारा मामले में आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई डिपोर्ट मामले से जुड़ी हुई है जब 330 भारतीय नागरिकों को फरवरी 2025 में अमेरिका सरकार द्वारा सैन्य कार्गो विमानों पर भारत में निर्वासित करने से संबंधित हैं, क्योंकि वे 330 लोग अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर गए थे।
ईडी की जांच में पता चला कि विभिन्न एजेंट और उनके सहयोगी भोले-भाले लोगों को कानूनी रूप से अमेरिका भेजने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते थे। हालांकि, बाद में वे लोगों को विभिन्न दक्षिण अमेरिकी देशों के माध्यम से खतरनाक मार्गों से भेजते थे और उन्हें अमेरिका मेक्सिको सीमा के माध्यम से अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कराया जाता था। रास्ते में, लोगों को प्रताड़ित किया जाता था, उनसे और भी अधिक पैसे वसूले जाते थे और उनसे अवैध कार्य कराए जाते थे। ऐसे एजेंट और उनके सहयोगियों ने बहाने बनाकर विभिन्न व्यक्तियों को धोखा दिया और उनसे बड़ी रकम ऐंठी।