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कनाडा में जोर पकड़ने लगी मांग: लॉरेंस बिश्नोई के गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया जाए, धमकियों से भयभीत हैं लोग

Thu, 17 Jul 2025 08:33 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) में पंजाबी समुदाय की काफी आबादी है। खासकर वैंकुवर, सरे व आसपास के इलाकों में पंजाबी समुदाय का खासा बोलबाला है। हाल ही में रंगदारी के खिलाफ पंजाबी कारोबारियों ने बीसी में एक बड़ी बैठक कर कनाडा सरकार व पुलिस अधिकारियों को आगाह किया था।
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lawrence bishnoi - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कनाडा में अलगाववादियों के खिलाफ आवाज उठने लगी है। खासकर जब से पंजाबी समुदाय के लोगों की रंगदारी के लिए हत्याएं होने लगी हैं। कनाडा में रंगदारी के लिए बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकियों ने कई पंजाबियों को निशाना बनाया है।
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कनाडा के अल्बर्टा प्रांत की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने संघीय सरकार से कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित करने की अपील की है। इसके साथ ही डेनियल स्मिथ उन कनाडाई नेताओं की सूची में शामिल हो गई हैं जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ ऐसी मांग की है। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबे ने भी जून में ओटावा से इसी तरह का अनुरोध किया था। 

ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) में पंजाबी समुदाय की काफी आबादी है। खासकर वैंकुवर, सरे व आसपास के इलाकों में पंजाबी समुदाय का खासा बोलबाला है। हाल ही में रंगदारी के खिलाफ पंजाबी कारोबारियों ने बीसी में एक बड़ी बैठक कर कनाडा सरकार व पुलिस अधिकारियों को आगाह किया था। इस बैठक में सांसद सुख धालीवाल भी मौजूद थे।
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डेनियल स्मिथ ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की पहुंच वैश्विक है और उसका इरादा आपराधिक और हिंसक है और उसकी गतिविधियां किसी भी सीमा से परे हैं। बिश्नोई गिरोह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क है जो हिंसा, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और लक्षित हत्याओं के लिए जिम्मेदार है। अल्बर्टा स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि ऐसे लोगों को यहां बर्दाशत नहीं किया जाएगा।

रंगदारी व हत्याओं की वारदात से लोग चिंतित

अल्बर्टा में कैलगरी, एडमिंटन व आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पंजाबी है जो वहां पर रंगदारी व हत्याओं की वारदात से चिंतित है। कनाडा के एडमिंटन के रहने वाले कुणाल का कहना है कि हिंसक घटनाओं का कनाडा में काफी बुरा असर है। यहां पर भी दहशत का माहौल है। बिश्नोई गिरोह को औपचारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित करने से उसके खिलाफ महत्वपूर्ण अधिकार मिल जाएंगे। इससे प्रांतीय और नगरपालिका स्तर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को (गिरोह के) संचालन को प्रभावी ढंग से बाधित करने और हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों और संसाधनों तक पहुंच प्राप्त करने में मदद मिलेगी। 

भारत ने कनाडा से संचालित बिश्नोई गिरोह के सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है जिसमें सतिंदरजीत सिंह गोल्डी बराड़ भी शामिल है। वह मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या के सिलसिले में वांछित है। कनाडा के सिख जगत के चिंतक जसविंदर सिंह का कहना है कि अब यह फैसला ओटावा, यानी कनाडा की संघीय सरकार को करना होगा कि बिश्नोई गिरोह को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी सूची में शामिल किया जाए या नहीं।
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